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ब्रिटेन में सिख लड़कियों को निशाना बनाने के आरोप, रिपोर्ट में जताई गई चिंता

लंदन, 19 मार्च (आईएएनएस)। ब्रिटेन में कथित तौर पर “पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग” द्वारा सिख लड़कियों को निशाना बनाए जाने के दावों ने चिंता बढ़ा दी है। सोशल मीडिया पर चल रहे इन आरोपों में कहा गया है कि लड़कियों को फंसाने के लिए भावनात्मक दबाव और आर्थिक प्रलोभन का इस्तेमाल किया जा रहा है, साथ ही धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करने की कोशिश भी की जा रही है।
ब्रिटेन में सिख लड़कियों को निशाना बनाने के आरोप, रिपोर्ट में जताई गई चिंता

लंदन, 19 मार्च (आईएएनएस)। ब्रिटेन में कथित तौर पर “पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग” द्वारा सिख लड़कियों को निशाना बनाए जाने के दावों ने चिंता बढ़ा दी है। सोशल मीडिया पर चल रहे इन आरोपों में कहा गया है कि लड़कियों को फंसाने के लिए भावनात्मक दबाव और आर्थिक प्रलोभन का इस्तेमाल किया जा रहा है, साथ ही धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करने की कोशिश भी की जा रही है।

खालसा वॉक्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, अगर ये आरोप सही साबित होते हैं तो यह सिर्फ एक समुदाय का मुद्दा नहीं होगा, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मामला बन सकता है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि ब्रिटेन पहले भी ऐसे मामलों का सामना कर चुका है। रोदरहैम बाल यौन शोषण कांड और रोशडेल बाल यौन शोषण कांड जैसे मामलों ने देश को झकझोर दिया था, जहां संगठित गिरोहों द्वारा नाबालिग लड़कियों का शोषण किया गया था। इन घटनाओं ने दिखाया कि समय पर कार्रवाई न होने पर ऐसे गिरोह कमजोर वर्गों को बड़े पैमाने पर निशाना बना सकते हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, मौजूदा आरोप भी इसी तरह के खतरों की ओर इशारा करते हैं। इसमें दावा किया गया है कि कुछ समूह सिख लड़कियों को दोस्ती, प्रेम संबंध या आर्थिक सहायता का लालच देकर प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। यदि ऐसा हो रहा है, तो यह व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर हमला होने के साथ-साथ संगठित सामाजिक अपराध भी माना जाएगा।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ऐसे मामलों को शुरुआती चरण में अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है और जब तक कार्रवाई होती है, तब तक काफी नुकसान हो चुका होता है।

इस मुद्दे को किसी एक समुदाय तक सीमित न बताते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि किसी को जबरन, धोखे से या आर्थिक प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया जा रहा है, तो यह कानून और मानवाधिकारों का स्पष्ट उल्लंघन है।

रिपोर्ट ने ब्रिटिश सरकार और कानून प्रवर्तन एजेंसियों से अपील की है कि इन आरोपों की निष्पक्ष और गहन जांच कराई जाए। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट संदेश जाए कि किसी भी प्रकार का शोषण, दबाव या हेरफेर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

--आईएएनएस

डीएससी

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