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पाकिस्तानी-अमेरिकी समुदाय के नेता को 3.8 करोड़ की धोखाधड़ी के आरोप में किया गया गिरफ्तार

न्यूयॉर्क, 19 जून (आईएएनएस)। अमेरिका में डे केयर सेंटर से 3.8 करोड़ डॉलर के मेडिकेड धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बुजुर्गों के लिए डेकेयर सेंटर्स से जुड़े धोखाधड़ी के मामले में एक जाने-माने पाकिस्तानी-अमेरिकी समुदाय के नेता को गिरफ्तार किया गया है।
पाकिस्तानी-अमेरिकी समुदाय के नेता को 3.8 करोड़ की धोखाधड़ी के आरोप में किया गया गिरफ्तार

न्यूयॉर्क, 19 जून (आईएएनएस)। अमेरिका में डे केयर सेंटर से 3.8 करोड़ डॉलर के मेडिकेड धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बुजुर्गों के लिए डेकेयर सेंटर्स से जुड़े धोखाधड़ी के मामले में एक जाने-माने पाकिस्तानी-अमेरिकी समुदाय के नेता को गिरफ्तार किया गया है।

अमेरिकी मीडिया न्यूयॉर्क पोस्ट की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, स्थानीय समयानुसार गुरुवार को पाकिस्तानी अमेरिकी नेता परवेज सिद्दीकी समेत सात साजिशकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया। बता दें कि परवेज सिद्दीकी न्यूयॉर्क शहर के ब्रुकलिन बरो में एक कम्युनिटी बोर्ड के सदस्य हैं।

अमेरिकी मीडिया ने बताया कि परवेज पर फेडरल वकीलों ने सरकारी स्वास्थ्य बीमा कार्यक्रम 'मेडिकेड' के मामले में धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। इसमें "ब्रुकलिन में दो सोशल एडल्ट डे केयर सेंटर, अपना एडल्ट डेकेयर और आशियाना सोशल एडल्ट डेकेयर के जरिए एक गलत बिलिंग स्कीम" चलाई गई।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, वह और सात अन्य लोग कथित तौर पर ऐसे व्यक्तियों की भर्ती में शामिल थे, जिन्हें वयस्क दिव्यांगों या गंभीर रूप से बीमार लोगों के लिए संचालित कार्यक्रमों में शामिल दिखाया गया। आरोप है कि इन केंद्रों ने उन लोगों के नाम पर बिल जमा किए, जिन्होंने वास्तव में कार्यक्रमों में भाग नहीं लिया था या जिन्हें इन सेवाओं की आवश्यकता ही नहीं थी।

न्यूयॉर्क पोस्ट ने कहा कि 2019 से पिछले साल दिसंबर तक, उन्होंने मेडिकेड को उन सेवाओं के लिए बिल भेजा, जिनके बारे में कहा गया कि संबंधित केंद्रों ने उनके द्वारा भर्ती किए गए लोगों को उपलब्ध कराई थीं। फेडरल अभियोजकों के मुताबिक, आरोपियों ने इस राशि का एक हिस्सा उन लोगों को दिया और बदले में उनकी पहचान का इस्तेमाल कर फर्जी बिल दाखिल किए गए।

पोस्ट के अनुसार, इस मामले में परवेज के साथ शाजिया बीबी (जिन्हें शाज़िया वट्टू के नाम से भी जाना जाता है), अब्दुल अजीज, शायर अली, जेबुन अहमद, जोसना बेगम, सायरा खातून और अतिया शहनाज का नाम शामिल है।

न्यूयॉर्क पोस्ट के अनुसार, चार्जशीट में कहा गया है कि उन्होंने पाकिस्तान-बेस्ड बिलिंग स्टाफ का इस्तेमाल किया और शेल कंपनियों के जरिए पैसे की लॉन्ड्रिंग करते समय 'लड्डू' जैसे कोड वर्ड का इस्तेमाल किया।

रिपोर्ट में कहा गया है कि सेंटर्स पर कार्यक्रमों के लिए नकली साइन-इन शीट्स में सुविधाओं की क्षमता से ज्यादा लोग शामिल होते दिखे। कार्यक्रम में शामिल होने वाले कुछ लोग पाकिस्तान में थे।

अमेरिका में गरीबों के लिए सरकारी बीमा योजना मेडिकेड है। इसका इन आरोपियों ने कथित तौर पर नकली बिलिंग के लिए फायदा उठाया; यह बुजुर्गों या बीमार लोगों के लिए लंबे समय तक देखभाल के कार्यक्रमों के लिए पेमेंट करता है और हर व्यक्ति के लिए पेमेंट 6,000 डॉलर प्रति माह तक हो सकता है।

न्यूयॉर्क पोस्ट के अनुसार, दिसंबर में अधिकारियों ने कथित स्कैम से जुड़ी जगहों पर रेड मारी थी। 78 साल के परवेज सिद्दीकी की न्यू जर्सी में करीब 15 फार्मेसी हैं। वह अमेरिकी पाकिस्तानी पब्लिक अफेयर्स कमेटी से जुड़े हैं, जिससे उन्हें न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी और दूसरे अधिकारियों तक पहुंच मिली।

दूसरी आरोपी शाजिया बीबी कम्युनिटी बोर्ड की सदस्य भी हैं। अमेरिकी मीडिया के अनुसार, चार्जिंग डॉक्यूमेंट्स में फार्मेसी का नाम नहीं है। शाजिया बीबी ने 2022 में सिटी काउंसिल के सामने एक गवाही के दौरान कहा, "हम एक पाकिस्तानी अमेरिकी समुदाय और एक मुस्लिम अमेरिकी के तौर पर अलग-थलग महसूस करते हैं क्योंकि हमें एक समुदाय के तौर पर कोई संसाधन नहीं मिल सका।"

एक अलग मामले में, जाकिया खान और अहसान इजाज को एक फेडरल कोर्ट में दूसरे मेडिकेड प्रोग्राम में नकली बिलिंग के जरिए सरकार से 68 मिलियन डॉलर की धोखाधड़ी करने का दोषी पाया गया।

हैप्पी फैमिली सोशल एडल्ट डे केयर और फैमिली सोशल एडल्ट डे केयर के मालिकों ने बुजुर्ग नागरिकों की मदद करने वाले एक और कार्यक्रम में धोखाधड़ी करने की बात मानी। उन्होंने नर्सिंग होम में देखभाल के ज्यादा खर्च से बचने के लिए रिश्तेदारों को पैसे देकर उनके घरों में उनकी देखभाल करवाई।

ब्रुकलिन के फेडरल अभियोजक ब्रायन पीस ने उस समय कहा था, “सोशल एडल्ट डे केयर और होम हेल्थ सर्विस बुजुर्ग नागरिकों की मदद के लिए हैं, लेकिन जैसा कि आरोप है, आरोपियों ने अपने व्यवसाय को मेडिकेड प्रोग्राम से लाखों डॉलर हड़पने के लिए खुलेआम इस्तेमाल किया।”

--आईएएनएस

केके/पीएम

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