पाकिस्तान: खैबर पख्तूनख्वा में हमले में एक की मौत, तीन घायल
इस्लामाबाद, 3 जनवरी (आईएएनएस)। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में शनिवार तड़के एक पुलिस चौकी पर हुए हमले में कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दो पुलिसकर्मियों समेत तीन अन्य घायल हो गए। स्थानीय मीडिया ने यह जानकारी दी है।
पुलिस और स्थानीय निवासियों के हवाले से पाकिस्तान के प्रमुख दैनिक डॉन ने बताया कि यह हमला रात करीब 2 बजे बाजौर जिले की बरंग तहसील में स्थित एक पुलिस चौकी पर हुआ। यह इलाका पहाड़ी कोही सर क्षेत्र में पड़ता है।
डॉन से बातचीत में जिला पुलिस के प्रवक्ता इसरार खान ने बताया कि मृतक की पहचान 60 वर्षीय स्थानीय निवासी नसीम गुल के रूप में हुई है। घायलों में 35 वर्षीय कांस्टेबल सुलेमान खान, 58 वर्षीय कांस्टेबल साज मोहम्मद और 28 वर्षीय साहिबजादा शामिल हैं, जो एक स्कूल में चौकीदार के रूप में कार्यरत हैं।
सभी घायलों को खार स्थित जिला मुख्यालय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
इसरार खान के अनुसार, आतंकियों ने इस हमले को अंजाम देने के लिए भारी और हल्के दोनों तरह के हथियारों का इस्तेमाल किया। हमले के तुरंत बाद सुरक्षा बलों और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और इलाके में सर्च व क्लीयरेंस ऑपरेशन चलाया गया।
इस्लामाबाद स्थित पाक इंस्टीट्यूट फॉर पीस स्टडीज के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2025 में पाकिस्तान में आतंकवादी हिंसा में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस दौरान हमलों में 34 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि मौतों की संख्या में साल-दर-साल 21 प्रतिशत का इजाफा हुआ। रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में पूरे पाकिस्तान में कुल 699 आतंकी हमले हुए, जिनमें 1,034 लोगों की मौत हुई और 1,366 लोग घायल हुए।
पिछले महीने भी खैबर पख्तूनख्वा के करक जिले में पुलिस की एक मोबाइल वैन को निशाना बनाए जाने से कम से कम पांच पुलिसकर्मी मारे गए थे। स्थानीय पुलिस के मुताबिक, बंदूकधारियों ने सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर फायरिंग की और मौके से फरार हो गए। बाद में हमलावरों ने वाहन को आग के हवाले कर दिया।
डिस्ट्रिक्ट पुलिस ऑफिसर (डीपीओ) सऊद खान ने बताया कि मारे गए पुलिसकर्मी एक निजी गैस कंपनी की सुरक्षा में तैनात थे। पाकिस्तानी अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने यह जानकारी दी।
बता दें कि हालिया घटनाएं पाकिस्तान में, खासकर खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान जैसे सीमावर्ती प्रांतों में, पुलिस बल को लगातार निशाना बनाए जाने की कड़ी का हिस्सा मानी जा रही हैं।
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