Samachar Nama
×

पाकिस्तान: इमरान खान को झटका, कोर्ट ने की याचिका खारिज

इस्लामाबाद, 4 मई (आईएएनएस)। इस्लामाबाद हाई कोर्ट (आईएचसी) ने सोमवार को पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी बेगम बुशरा बीबी की उन याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिनमें 190 मिलियन पाउंड के भ्रष्टाचार मामले में उनकी सजा सस्पेंड करने की मांग की गई थी। कोर्ट ने कहा कि उनकी मुख्य अपीलों पर सुनवाई पहले ही तय हो चुकी है।
पाकिस्तान: इमरान खान को झटका, कोर्ट ने की याचिका खारिज

इस्लामाबाद, 4 मई (आईएएनएस)। इस्लामाबाद हाई कोर्ट (आईएचसी) ने सोमवार को पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी बेगम बुशरा बीबी की उन याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिनमें 190 मिलियन पाउंड के भ्रष्टाचार मामले में उनकी सजा सस्पेंड करने की मांग की गई थी। कोर्ट ने कहा कि उनकी मुख्य अपीलों पर सुनवाई पहले ही तय हो चुकी है।

पाकिस्तान के जाने-माने अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, चीफ जस्टिस सरदार मुहम्मद सरफराज डोगर की अगुवाई वाली दो सदस्यीय बेंच 7 मई को सेंट्रल अपील पर सुनवाई करेगी। कोर्ट ने निलंबन आवेदन को अप्रासंगिक बताया।

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) संस्थापक इमरान खान तोशखाना मामले में अगस्त 2023 से जेल में हैं, और 190 मिलियन पाउंड (अल-कादिर ट्रस्ट) मामले में रावलपिंडी की अदियाला जेल में 14 साल की सजा काट रहे हैं।

2025 में, इस्लामाबाद की एक अकाउंटेबिलिटी कोर्ट ने इस केस में इमरान खान और बुशरा बीबी को क्रम से 14 और सात साल जेल की सजा सुनाई थी। कपल ने इस्लामाबाद हाई कोर्ट में इसे चुनौती दी है।

उन पर आरोप है कि उन्होंने एक रियल एस्टेट फर्म से अवैध लाभ के बदले में जमीन हासिल की और ट्रस्ट बनाकर 50 अरब पाकिस्तानी रुपये को वैध बनाने की कोशिश की।

पीटीआई लगातार इमरान की सजा का विरोध करती आई है और उनकी हिरासत का पुरजोर विरोध किया है। पूर्व पीएम जेल में 1,000 दिन गुजार चुके हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार पार्टी उनकी सजा को राजनीति से प्रेरित, संवैधानिक और कानूनी रूप से कमजोर बताती आई है।

यूएई के गल्फ टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, पीटीआई के सेंट्रल इन्फॉर्मेशन सेक्रेटरी वकास अकरम ने एक बयान में कहा कि खान को राजनीतिक रूप से परेशान किया जा रहा है क्योंकि मौजूदा सरकार, उनकी लोकप्रियता और स्वतंत्र रुख से डरकर, उन्हें साइडलाइन करने की कोशिश कर रही है।

अकरम ने कहा कि इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी के साथ अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पीटीआई संस्थापक को अकेले कैद में रखा गया है, जबकि उनके परिवार, वकीलों और पार्टी नेतृत्व को उनसे मिलने नहीं दिया जा रहा है। ये बुनियादी इंसानी और कानूनी अधिकारों का साफ उल्लंघन है।

मार्च की शुरुआत में, इमरान खान के बेटे, कासिम खान, ने अपने पिता की हिरासत को "मनमाना" बताया और पाकिस्तानी अधिकारियों के बर्ताव पर गंभीर चिंता जताई, जो उनके अनुसार इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स कन्वेंशन का उल्लंघन है।

जेनेवा में यूनाइटेड नेशंस ह्यूमन राइट्स काउंसिल (यूएनएचआरसी) सेशन के दौरान, कासिम खान ने कहा कि इमरान खान का मामला कोई "अलग-थलग घटना" नहीं है, बल्कि 2022 के बाद से पाकिस्तान में दमन के एक बहुत बड़े पैटर्न का "उदाहरण" है। पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने राजनीतिक कैदियों की हिरासत, मिलिट्री कोर्ट द्वारा आम लोगों पर मुकदमा चलाने और उन्हें दोषी ठहराने, और पत्रकारों को "चुप कराए जाने, किडनैप किए जाने या देश निकाला दिए जाने" की जानकारी दी।

--आईएएनएस

केआर/

Share this story

Tags