पाकिस्तान: मरदान खदान हादसे में नौ मजदूरों की मौत, सुरक्षा की गंभीर कमी उजागर: रिपोर्ट
इस्लामाबाद, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के मरदान इलाके में हाल ही में एक संगमरमर की खदान के ढहने से नौ मजदूरों की मौत हुई। यह घटना प्रणालीगत लापरवाही को दिखाती है।
पाकिस्तान में खनन उद्योग सबसे असुरक्षित, खतरनाक और उपेक्षित क्षेत्रों में से एक है। सुरक्षा नियमों की कमी और पर्याप्त प्रक्रियाओं के न होने की वजह से मजदूर खदानों में फंस जाते हैं या खदान गिरने और विस्फोट जैसी घटनाओं में मर जाते हैं, एक रिपोर्ट में कहा गया है।
प्रमुख दैनिक अखबार 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की संपादकीय में लिखा गया, “खैबर पख्तूनख्वा के मरदान क्षेत्र ने एक और दुखद घटना देखी है, जिसमें एक संगमरमर की खदान के ढहने से नौ मजदूरों की जान चली गई। खनन उद्योग में, आधुनिक तकनीक और सुरक्षा प्रोटोकॉल के बावजूद, पूरी तरह से दुर्घटनाओं से बचना मुश्किल है। लेकिन सुरक्षा तकनीक के लिए पर्याप्त पैसा न होना और मौजूदा कानूनों का सही तरीके से पालन न होना, पाकिस्तान में खदान हादसों की संभावना बहुत बढ़ा देता है।”
खनन क्षेत्र को खदान सुरक्षा, निरीक्षण और नियमों को बढ़ाने वाले दो कानूनों के तहत सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिए। लेकिन इन कानूनों को लागू करने के बावजूद कोई असर नहीं दिखता।
'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' ने लिखा गरीब पृष्ठभूमि से आने वाले खदान मजदूर अक्सर बिना प्रशिक्षण, बिना समर्थन और कम वेतन पर काम करते हैं। पाकिस्तान के अधिकारियों को मजदूरों को अच्छी ट्रेनिंग, बेहतरीन उपकरण, आपातकालीन सेवाओं तक पहुंच और सुरक्षा मानकों की जानकारी प्रदान करनी चाहिए।
पिछले दिसंबर में कोयले की एक खदान में भूस्खलन के कारण दो मजदूरों की मौत हुई थी। यह हादसा क़्वेटा के बाहरी इलाके सोर्रांज में हुआ था। बलोचिस्तान के मुख्य खदान निरीक्षक रफिउल्लाह ने बताया कि मजदूर खदान में थे जब बड़ी मात्रा में मिट्टी गिर गई और उन्हें मलबे में दबा दिया गया। यह जानकारी पाकिस्तानी दैनिक 'डॉन' की रिपोर्ट में दी गई।
'डॉन' की रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर में बलोचिस्तान के डुकी और चामलांग क्षेत्रों में दो अलग-अलग घटनाओं में चार कोयला मजदूरों की मौत हुई। पुलिस के अनुसार, मृतक अफ़ग़ानिस्तान के निवासी थे और डुकी और चामलांग की खदानों में काम कर रहे थे। हादसों का कारण मिथेन गैस की मौजूदगी थी।
--आईएएनएस
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