पाकिस्तान: पीटीआई के लॉन्ग मार्च से डरी पंजाब सरकार, सार्वजनिक सभाओं पर लगाई रोक
इस्लामाबाद, 24 सितंबर (आईएएनएस)। इस्लामाबाद में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के प्रस्तावित लॉन्ग मार्च से पहले पंजाब सरकार ने पूरे प्रांत में सार्वजनिक सभाओं पर 13 दिन का प्रतिबंध लगा दिया है। साथ ही, अटक और रावलपिंडी के आसपास की सड़कों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को बंद कर दिया गया है और प्रांत के चार जिलों में रेंजर्स अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है। स्थानीय मीडिया ने गुरुवार को इसे लेकर रिपोर्ट प्रकाशित की।
पंजाब सरकार के जारी किए गए नोटिफिकेशन (अधिसूचना) के अनुसार, पंजाब में सार्वजनिक जगहों, सड़कों और खुली जगहों पर पांच या उससे ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने, जुलूस निकालने और सभा करने पर 13 दिनों के लिए रोक लगा दी गई है।
पाकिस्तान के अखबार 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के मुताबिक, नोटिफिकेशन में पंजाब प्रांत में हथियार ले जाने और दिखाने, और लोगों को गैर-कानूनी सभाओं में शामिल होने के लिए उकसाने या भड़काने पर भी रोक लगाई गई है।
इस आदेश में शादियों, दफनाने की रस्मों और मस्जिदों व अन्य पूजा स्थलों पर होने वाली सभाओं को छूट दी गई है। नोटिफिकेशन में कहा गया है कि कानून प्रवर्तन और खुफिया एजेंसियों को खतरे की जानकारी मिली थी, जिसमें आतंकवादी समूहों द्वारा सार्वजनिक सभाओं पर हमले करने की योजना बनाई जा रही थी। पंजाब सरकार का यह हालिया आदेश तब आया है जब उसने पार्टी के संस्थापक इमरान खान के कई पीटीआई नेताओं, कार्यकर्ताओं और रिश्तेदारों को अलग-अलग धाराओं के तहत हिरासत में लिया है।
सोमवार को लाहौर हाई कोर्ट (एलएचसी) में इमरान खान की तीन बहनों के खिलाफ जारी 30 दिन की हिरासत के आदेश को चुनौती देते हुए एक याचिका दायर की गई, जिसमें उनकी तुरंत रिहाई की मांग की गई।
यह याचिका तब दायर की गई जब पुलिस ने लाहौर के डिप्टी कमिश्नर द्वारा 'मेंटेनेंस ऑफ पब्लिक ऑर्डर' (एमपीओ) अध्यादेश की धारा 3 के तहत 30 दिन की हिरासत के आदेश के बाद इमरान खान की तीन बहनों—अलीमा खान, नौरीन नियाजी और उज्मा खान—को गिरफ्तार कर लिया।
अलीमा खान के बेटे शाहराज खान ने अपनी मां और उनकी दोनों बहनों की हिरासत को चुनौती देते हुए अदालत में याचिका दायर की है। 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के अनुसार, याचिका में शाहराज खान ने अदालत से हिरासत के आदेश को रद्द करने और तीनों महिलाओं को तुरंत रिहा करने का आदेश देने का अनुरोध किया है।
उन्होंने कहा कि लाहौर डीसी द्वारा जारी हिरासत का आदेश गैर-कानूनी और अवैध था। उन्होंने आरोप लगाया कि अलीमा खान को तब पुलिस ने हिरासत में लिया जब वह अपने ड्राइवर के साथ निजी काम से जा रही थीं और वहां कोई सार्वजनिक सभा या ऐसी स्थिति नहीं थी जिससे सार्वजनिक व्यवस्था को खतरा हो।
सोमवार को इमरान खान के बेटे कासिम खान ने अपनी दोनों बुआ-उज्मा खान और नौरीन नियाजी की हिरासत की निंदा करते हुए इसे "आपराधिक व्यवहार" करार दिया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस मामले पर कार्रवाई करने का आग्रह किया।
एक्स पोस्ट में कासिम खान ने कहा, "यह शर्मनाक है। अब मेरी दोनों बुआ डॉ. उज्मा और नौरीन, और मेरे फुफेरे भाई शेरशाह और शाहराज को भी उठा लिया गया है। वे उनके घरों में जबरदस्ती घुसे और बिना किसी वजह के उन्हें गाड़ियों में बिठाकर ले गए। गिरफ्तारी की कोई वजह नहीं बताई गई है।"
उन्होंने आगे कहा, "उन्हें कहां ले जाया गया है, इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। यह आपराधिक व्यवहार है। इसे माफ नहीं किया जा सकता। पाकिस्तान के लोग अपने ही नेताओं से डरे हुए हैं। किसी भी अच्छे देश को इस आपराधिक व्यवस्था को बर्दाश्त नहीं करना चाहिए। अब दखल देना जरूरी है। दुनिया को जरूर कदम उठाना चाहिए।"
--आईएएनएस
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