सिंटा कार्यकारी समिति चुनाव: सबसे ज्यादा वोट पाकर जीते पद्मिनी, पूनम और राकेश बेदी
मुंबई, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। दिग्गज अभिनेत्री पद्मिनी कोल्हापुरी और पूनम ढिल्लों ने मंगलवार को सिंटा कार्यकारी समिति के चुनाव में सबसे अधिक वोट प्राप्त करके जीत हासिल की।
पद्मिनी कोल्हापुरी को 604 वोट, पूनम ढिल्लों को 601 वोट, राकेश बेदी को 575 वोट, कंवरजीत पेंटल को 548 वोट, चंद्रप्रकाश ठाकुर को 514 वोट, अभय भार्गव को 439 वोट, घनश्याम श्रीवास्तव को 395 वोट, जया भट्टाचार्य को 392 वोट, टीना घई को 374 वोट, राजित कपूर को 340 वोट, शीबा आकाशदीप को 322 वोट, रमेश गोयल को 296 वोट, जितेंद्र सिंह को 284 वोट, मोहम्मद फारूक बंधुकिया को 272 वोट और रोहित रॉय को 268 वोट मिले।
चुनाव के बाद पूनम ढिल्लों ने आईएएनएस को बताया, "चुने गए हर व्यक्ति के पास संविधान की प्रति होनी चाहिए और उन्हें सिंटा के संविधान की जानकारी भी होनी चाहिए। यह सबसे महत्वपूर्ण है; उन्हें सिंटा के नियमों और विनियमों की जानकारी होनी चाहिए। इसलिए मैंने इस बार यही एक नई पहल की है। मुझे उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में भी यह सिलसिला जारी रहेगा कि हर सदस्य को संविधान की प्रति मिले और वह उसका पालन करे।"
उन्होंने आगे कहा कि इस बार मैंने शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जिसमें यह शपथ ली गई कि आप संविधान का पालन करेंगे, निष्पक्ष रहेंगे और कल्याणकारी कार्य करेंगे। इसलिए, मैंने अध्यक्ष के रूप में इन दो बातों को लागू किया है।
पूनम ढिल्लों ने आगे बताया कि चुनाव में लगभग 670 सदस्यों ने भाग लिया, और कहा कि त्योहार की छुट्टी के दौरान मतदान होने के बावजूद मतदान प्रतिशत विशेष रूप से उत्साहजनक था।
यह ध्यान देने योग्य है कि सिंटा के चुनाव अगस्त में 21 सदस्यीय कार्यकारी समिति के 11 सदस्यों द्वारा संगठन के भीतर तानाशाही कामकाज का आरोप लगाते हुए इस्तीफा देने के बाद हुए।
उपासना सिंह और साहिला चड्ढा जैसे कुछ सदस्यों ने पद्मिनी कोल्हापुरी और पूनम ढिल्लों पर धन के दुरुपयोग और तानाशाही कामकाज का आरोप लगाया।
महीनों तक चले सार्वजनिक विवाद के बाद, उपासना सिंह के नेतृत्व वाले सिंटा गुट ने सितंबर में पुन: चुनाव कराए। इन चुनावों में उपासना सिंह और साहिला चड्ढा को सबसे अधिक वोट मिले।
उपासना सिंह के नेतृत्व वाले गुट का चुनाव तब हुआ जब अदालत ने एफडब्ल्यूआईसीई (पश्चिमी भारत सिनेमा कर्मचारी संघ) द्वारा आदेशित पुन: चुनावों पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। हालांकि, 12 सितंबर को हुए चुनाव के परिणाम अगली सुनवाई तक लागू नहीं किए जा सकते, जो 26 अक्टूबर, 2026 को निर्धारित है।
--आईएएनएस
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