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पचपदरा रिफाइनरी में लगी आग की उच्चस्तरीय जांच शुरू, एजेंसियों ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले

जयपुर, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। राजस्थान के बालोतरा जिले में पचपदरा रिफाइनरी में 20 अप्रैल को लगी भीषण आग की उच्चस्तरीय जांच शुरू हो गई है। इस रिफाइनरी का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21 अप्रैल को उद्घाटन करने वाले थे। इसलिए जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि क्या यह घटना सुरक्षा में किसी बड़ी चूक का परिणाम है या इसके पीछे कोई गहरी साजिश है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच को व्यापक दायरे में रखा गया है।
पचपदरा रिफाइनरी में लगी आग की उच्चस्तरीय जांच शुरू, एजेंसियों ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले

जयपुर, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। राजस्थान के बालोतरा जिले में पचपदरा रिफाइनरी में 20 अप्रैल को लगी भीषण आग की उच्चस्तरीय जांच शुरू हो गई है। इस रिफाइनरी का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21 अप्रैल को उद्घाटन करने वाले थे। इसलिए जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि क्या यह घटना सुरक्षा में किसी बड़ी चूक का परिणाम है या इसके पीछे कोई गहरी साजिश है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच को व्यापक दायरे में रखा गया है।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनएआईए), केंद्रीय गृह मंत्रालय की एक टीम और पेट्रोलियम मंत्रालय के तकनीकी विशेषज्ञों सहित कई एजेंसियों के अधिकारी और विशेषज्ञ मंगलवार को विस्तृत जांच शुरू करने के लिए घटनास्थल पर पहुंचे।

रिफाइनरी के चारों ओर लगे ससीटीवी फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया जा रहा है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की पहचान की जा सके। प्रवेश प्रोटोकॉल को और सख्त कर दिया गया है और कर्मचारियों तथा बाहरी लोगों पर निगरानी काफी बढ़ा दी गई है। हालांकि, यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि पूरी जांच का नेतृत्व कौन सी एजेंसी करेगी। सूत्रों के अनुसार, पेट्रोलियम प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार अधिकारी भी इस जांच का हिस्सा हैं।

हालांकि, यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि पूरी जांच का नेतृत्व कौन सी एजेंसी करेगी। सुरक्षा एजेंसियां आमतौर पर प्रधानमंत्री की किसी भी यात्रा से पहले व्यापक जांच करती हैं। इस संदर्भ में आग लगने की घटना ने गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। सूत्रों का कहना है कि गृह मंत्रालय इस घटना को प्रधानमंत्री के सुरक्षा प्रोटोकॉल के संभावित उल्लंघन के तौर पर देख रहा है।

4,500 एकड़ में फैली और 79,459 करोड़ रुपये की लागत से बनी इस रिफाइनरी में 20,000 से अधिक कर्मचारी और स्टाफ काम करते हैं। अभी तक हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) ने नुकसान का कोई विस्तृत आकलन जारी नहीं किया है। शुरुआती संकेतों से पता चलता है कि यदि क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट को कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा है तो 1 जुलाई तक व्यावसायिक उत्पादन फिर से शुरू हो सकता है।

इस बीच, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने एक्स पर पर लिखा, "मैंने पचपदरा स्थित राजस्थान रिफाइनरी का निरीक्षण किया और अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।"

मुख्यमंत्री ने अग्निशमन कर्मियों और आपातकालीन प्रतिक्रिया टीमों के साथ भी चर्चा की, जिन्होंने सीडीयू में लगी आग को तुरंत बुझाने में अग्रणी भूमिका निभाई थी।

मुख्यमंत्री ने कहा, "रिफाइनरी परिसर के भीतर हुई इस घटना को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए, विस्तृत जांच के निर्देश जारी किए गए हैं। एचपीसीएल अधिकारियों द्वारा दी गई शुरुआती जानकारी के अनुसार, नुकसान केवल एक सीमित क्षेत्र तक ही सीमित है।"

वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का कहना है कि उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के एक केमिकल इंजीनियर से चर्चा की, जिन्होंने कहा कि नई रिफाइनरी में ऐसे ही आग नहीं लग सकती। तकनीकी रूप से रिफाइनरियों में आमतौर पर 20-25 साल बाद किसी तकनीकी खराबी के कारण आग लगती है।

इस बीच, कई स्तरों पर जांच चल रही है। जहां केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां सुरक्षा या तोड़फोड़ के संभावित पहलुओं की जांच कर रही हैं, वहीं एचपीसीएल ने तकनीकी कारणों की आंतरिक जांच शुरू कर दी है।

अपने बयान में, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने कहा कि रिफाइनरी के क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (सीडीयू) सेक्शन में दोपहर करीब 1:55 बजे आग लग गई। शुरुआती जांच से पता चलता है कि हीट एक्सचेंजर सर्किट में किसी वाल्व या फ्लैंज से हाइड्रोकार्बन के रिसाव के कारण आग लगी हो सकती है।

कंपनी ने पुष्टि की कि स्थानीय अधिकारियों की मदद से आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम ने आग पर तुरंत काबू पा लिया। किसी के हताहत होने या घायल होने की कोई खबर नहीं है। आग हीट एक्सचेंजर स्टैक तक ही सीमित रही। सीडीयू और वीडीयू सहित मुख्य यूनिटों को समय रहते अलग कर दिया गया था और वे संरचनात्मक रूप से सुरक्षित हैं। रिफाइनरी के किसी अन्य हिस्से पर कोई असर नहीं पड़ा। आग लगने के सटीक कारण और उसके प्रभाव की जाँच अभी आंतरिक और बाहरी, दोनों तरह के विशेषज्ञ कर रहे हैं।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है, जिसमें बाहरी विशेषज्ञ शामिल हैं, ताकि इस घटना के पीछे के मूल कारण का आकलन व जांच की जा सके और तत्काल आधार पर सुधारात्मक उपायों की सिफारिश की जा सके।

दिल्ली से विशेषज्ञों की एक टीम को लेकर बीएसएफ का एक हेलीकॉप्टर रिफाइनरी के हेलीपैड पर मंगलवार को दोपहर के आसपास उतरा। टीम ने विस्तृत निरीक्षण किया, कर्मचारियों और अग्निशमन कर्मियों से पूछताछ की और घटना के समय की सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा की। इसके कुछ ही देर बाद एक फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और वहां से सबूत इकट्ठा किए।

राजस्थान के मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि लीकेज के मूल कारणों की पूरी जांच करने के लिए दूसरी रिफाइनरियों से विशेषज्ञ टीमों और वरिष्ठ तकनीकी विशेषज्ञों को बुलाया जा रहा है, ताकि इसका स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि मरम्मत का काम पूरा होते ही रिफाइनरी तय कार्यक्रम के अनुसार अपना कमर्शियल उत्पादन शुरू कर देगी। उन्होंने कहा कि अत्याधुनिक तकनीक से लैस यह रिफाइनरी इस क्षेत्र के औद्योगिक विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होने की उम्मीद है और इससे रोजगार के भी बड़े अवसर पैदा होंगे।

--आईएएनएस

ओपी/पीएम

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