भारतीय जलक्षेत्र के पास ईरानी युद्धपोत डुबाने की अमेरिकी कार्रवाई पर ओवैसी बोले- सरकार तुरंत दे स्पष्टीकरण
हैदराबाद, 6 मार्च (आईएएनएस)। एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने भारतीय जलक्षेत्र के करीब अमेरिकी नौसेना की ओर से ईरानी युद्धपोत को डुबोने पर कड़ी आलोचना की। ओवैसी ने मांग करते हुए कहा कि भारत सरकार को इस पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए और अमेरिकी कार्रवाई की निंदा करनी चाहिए।
असदुद्दीन ओवैसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, "अमेरिकी नौसेना के भारतीय जलक्षेत्र के इतने करीब ईरानी जहाज डुबोने के बारे में बहुत सारे सवाल हैं, जिनके जवाब नहीं मिले हैं। जवाब सरकार को देने चाहिए, लेकिन प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री चुप हैं। यह हमारे देश के लोगों के प्रति उनकी संवैधानिक जिम्मेदारी को नजरअंदाज करना है।"
हैदराबाद के सांसद ने सरकार से यह स्पष्ट करने की मांग की कि क्या ट्रंप प्रशासन ने ईरानी जहाज को निशाना बनाने से पहले उन्हें सूचित किया था। सांसद ने पोस्ट में लिखा, "क्या ट्रंप प्रशासन ने भारतीय जलक्षेत्र के इतने करीब न्यूक्लियर सबमरीन इस्तेमाल करने और वॉर जोन को बढ़ाने का फैसला करने से पहले भारत सरकार को बताया था? आखिर हम भी क्वाड के सदस्य हैं और अमेरिका के रणनीतिक साझेदार हैं।"
उन्होंने पूछा, "अगर यह चीनी नौसेना के लिए इन जलक्षेत्र में काम करने का एक उदाहरण बन जाता है, तो क्या मोदी सरकार तब भी चुप रहेगी?"
एक अन्य पोस्ट में ओवैसी ने लिखा, "अगर अमेरिका आसपास मौजूद दो अन्य ईरानी जहाजों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई दोहराता है, तो क्या सरकार तब भी 'रेत में सिर छिपाए शुतुरमुर्ग' की तरह व्यवहार करेगी।"
असदुद्दीन ओवैसी ने आगे कहा, "यह भारत की लंबे समय से बनी रणनीतिक संप्रभुता की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाता है और हमें वैश्विक मंचों पर अप्रासंगिक बना सकता है।"
उन्होंने मांग करते हुए कहा कि सरकार इस घटना की स्पष्ट शब्दों में निंदा करे और प्रेस कॉन्फ्रेंस करके अमेरिका की ओर से ईरान पर किए गए हमले पर अपना विस्तृत रुख स्पष्ट करे।
--आईएएनएस
डीसीएच/

