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एसआईआर गणना के बाद अरुणाचल के 81 प्रतिशत मतदाता ड्राफ्ट रोल में शामिल

एसआईआर गणना के बाद अरुणाचल के 81 प्रतिशत मतदाता ड्राफ्ट रोल में शामिल
एसआईआर गणना के बाद अरुणाचल के 81 प्रतिशत मतदाता ड्राफ्ट रोल में शामिल

ईटानगर, 21 जुलाई (आईएएनएस)। अरुणाचल प्रदेश ने मंगलवार को अपनी मतदाता सूची का ड्राफ्ट जारी किया। यह कदम मतदाता सूची के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (एसआईआर) के तहत गिनती का चरण पूरा होने के बाद उठाया गया है। राज्य के 8.87 लाख रजिस्टर्ड मतदाताओं में से लगभग 81 प्रतिशत ने गिनती की प्रक्रिया पूरी कर ली है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) पवन कुमार सैन ने कहा कि जिन मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं हैं, वे 21 जुलाई से 20 अगस्त तक चलने वाले 'दावे और आपत्ति' के समय अपना नाम शामिल करवाने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी करते हुए, सीईओ ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को बताया कि 14 जुलाई तक 7,18,046 मतदाताओं ने अपने एन्यूमरेशन फॉर्म (जानकारी देने वाले फॉर्म) जमा कर दिए थे। यह संख्या 2 जून तक राज्य के कुल 8,87,505 रजिस्टर्ड मतदाताओं का लगभग 81 प्रतिशत है, जो एसआईआर प्रक्रिया के तीसरे चरण में लोगों की बड़ी भागीदारी को दिखाता है।

सैन ने बताया कि बाकी बचे 1,69,459 फॉर्म कई कारणों से जमा नहीं हो पाए, जैसे मतदाताओं का स्थायी रूप से कहीं और चले जाना (8.90 प्रतिशत), मतदाताओं का अनुपस्थित या न मिल पाना (6.16 प्रतिशत), मृत्यु (2.88 प्रतिशत), एक ही व्यक्ति का दो बार नाम दर्ज होना (0.56 प्रतिशत) और अन्य कारण (0.60 प्रतिशत)। उन्होंने साफ किया कि जो असली और योग्य मतदाता ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल नहीं हो पाए हैं, वे अभी भी 'दावे और आपत्ति' के समय अपना नाम शामिल करवाने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

सीईओ ने इस बात पर जोर दिया कि चुनाव आयोग का मकसद यह पक्का करना है कि हर योग्य मतदाता लिस्ट में शामिल हो और अयोग्य लोगों के नाम पारदर्शी और कानूनी प्रक्रिया के जरिए हटाए जाएं। उन्होंने कहा कि बिना पहले से सूचना दिए और इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ईआरओ) या असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (एईआरओ) के ठोस कारण वाले आदेश के बिना किसी का नाम नहीं हटाया जाएगा।

सैन ने बताया कि एसआईआर प्रक्रिया पूरी होने के बाद, फाइनल वोटर लिस्ट 22 सितंबर, 2026 को जारी की जाएगी।

उन्होंने कहा कि एन्यूमरेशन का चरण राज्य भर के चुनाव अधिकारियों की मिली-जुली कोशिशों से सफल हो पाया। इसमें सभी 26 जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ), 60 ईआरओ, 206 एईआरओ, 248 बूथ लेवल ऑफिसर सुपरवाइजर और 2,233 बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) शामिल थे, जिन्हें वॉलंटियर्स का भी सहयोग मिला।

उन्होंने मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी की भी सराहना की और बताया कि दलों और उनके जिला अध्यक्षों द्वारा नियुक्त 3,131 बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) ने एन्यूमरेशन प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा करने में मदद की।

--आईएएनएस

एससीएच

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