पश्चिम बंगाल में सेवा सेतु शिविरों में पहले दिन 10 लाख से अधिक पंजीकरण हुए
कोलकाता, 3 अक्टूबर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से गांधी जयंती के मौके पर शुरू किए गए 'सेवा सेतु अभियान' शिविर तीन दिन तक चलेंगे। शुक्रवार को पहले ही दिन 10 लाख से अधिक लोगों ने शिविर में पंजीकरण कराया। इन शिविरों का मकसद लोगों को केंद्र और राज्य सरकार की अलग-अलग कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।
राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार रात 8 बजे तक कैंपों में 10,68,033 लोगों ने पंजीकरण कराया था। इनमें से 5,47,965 पुरुष , 5,17,546 महिला और 2,522 अन्य जेंडर के लोग थे। राज्य सरकार के अनुसार, सबसे अधिक पंजीकरण बर्दवान, मालदा, कूचबिहार और झारग्राम जिलों से हुए।
सरकार को उम्मीद है कि शिविर के दूसरे और तीसरे दिन यानी शनिवार और रविवार को भी ऐसा ही रिस्पॉन्स मिलेगा।
राज्य सरकार के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि इस पहल को सिंगल-विंडो सिस्टम के तौर पर डिजाइन किया गया है, ताकि लोग अलग-अलग दफ्तरों में बार-बार चक्कर लगाए बिना कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें।
अधिकारी ने कहा, "राज्य सरकार ने केंद्र-राज्य सरकार की अलग-अलग योजनाओं को लोगों के दरवाजे तक पहुंचाने के लिए यह पहल की है। असल में, यह कैंप राज्य के हर जिले में इसलिए लगाया गया है ताकि सभी योजनाओं का लाभ एक ही जगह मिल सके, तुरंत एनरोलमेंट हो, डॉक्यूमेंट्स का वेरिफिकेशन हो और लोगों की शिकायतें सुनी जा सकें।"
बंगाल सरकार ने तीन दिन के कार्यक्रम के दौरान 3,251 'सेवा सेतु अभियान' शिविर लगाने का लक्ष्य रखा है। शुक्रवार को यानी पहले दिन पूरे राज्य में 1,081 कैंप लगाए गए। अधिकारी ने बताया कि बाकी 2,170 शिविर अगले दो दिनों में लगाए जाएंगे।
इन शिविरों में जिन मुख्य योजनाओं पर काम किया जा रहा है, उनमें अन्नपूर्णा योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, शिक्षा श्री, जय जोहार, पीएम किसान क्रेडिट कार्ड और पीएम किसान स्वनिधि शामिल हैं।
अधिकारी ने कहा, "इन कैंपों से विधवा भत्ता, बुढ़ापा भत्ता और विकलांगता भत्ते के लिए आवेदन करने के लिए नए फ़ॉर्म भी बांटे जा रहे हैं। इसके अलावा, इन कैंपों में अन्नपूर्णा योजना और आयुष्मान कार्ड के स्टेटस के बारे में भी जानकारी ली जा सकती है।"
कोलकाता में आस-पास के हर दो वार्ड के लिए एक 'सेवा सेतु अभियान' शिविर लगाया गया है। राज्य सरकार ने लोगों को उनके घर के सबसे पास वाले कैंप तक पहुंचने में मदद करने के लिए एक खास हेल्पलाइन भी शुरू की है।
--आईएएनएस
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