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संजय पाटिल की पत्रकारों को धमकी पर बवाल, कार्रवाई की मांग

संजय पाटिल की पत्रकारों को धमकी पर बवाल, कार्रवाई की मांग
संजय पाटिल की पत्रकारों को धमकी पर बवाल, कार्रवाई की मांग

मुंबई, 25 जून (आईएएनएस)। मुंबई उत्तर-पूर्व से सांसद संजय दीना पाटिल द्वारा पत्रकारों के साथ कथित अभद्र व्यवहार और कैमरे पर खुलेआम धमकी देने का मामला गुरुवार को बड़ा राजनीतिक और मीडिया विवाद बन गया। यह घटना उनके उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना (यूबीटी) छोड़कर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने के कुछ दिनों बाद सामने आई है।

जानकारी के अनुसार, हाल ही में हुए राजनीतिक बदलाव और उद्धव ठाकरे गुट के साथ जारी विवाद को लेकर पत्रकारों ने जब संजय दीना पाटिल से सवाल किए, तो वह अपना आपा खो बैठे। बातचीत के दौरान उन्होंने कथित तौर पर अपशब्दों का इस्तेमाल किया और पत्रकारों को खुलेआम धमकी दी। यह पूरा घटनाक्रम पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में कैमरे पर रिकॉर्ड हुआ।

वीडियो में पाटिल कथित तौर पर पत्रकारों से कहते सुनाई दिए, "अगर दोबारा मेरे पास आए तो पिटवा दूंगा।" उन्होंने यह भी कहा कि, "जो लिखना है लिखो, रिकॉर्ड करो, कमिश्नर के पास शिकायत करो। मैं पुलिस के सामने यह बात कह रहा हूं।"

यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब कुछ दिन पहले ही पाटिल का एक और बयान चर्चा में आया था, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि उनके परिवार ने "पांच लोगों की हत्या की थी"। उन्होंने यह भी कथित तौर पर कहा था कि जो भी उनके रास्ते में आएगा, उसका अंजाम "अस्पताल या कब्रिस्तान" होगा।

घटना के बाद पत्रकार संगठनों और राजनीतिक दलों की ओर से तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। पत्रकार संगठनों ने सांसद की भाषा की निंदा करते हुए उनसे सार्वजनिक माफी और उचित कार्रवाई की मांग की है।

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने मामले को शांत करने की कोशिश करते हुए कहा कि उन्होंने संजय पाटिल से बात की है। शिंदे के अनुसार, पाटिल का गुस्सा पत्रकारों के खिलाफ नहीं था, बल्कि राजनीतिक विरोधियों, विशेषकर संजय राउत द्वारा बागी सांसदों पर की जा रही टिप्पणियों के प्रति उनकी नाराजगी का परिणाम था। उन्होंने कहा कि यदि पाटिल के बयान से मीडिया जगत की भावनाएं आहत हुई हैं तो उन्हें खेद व्यक्त करना चाहिए।

शिंदे गुट के वरिष्ठ नेता संजय शिरसाट ने भी पार्टी की ओर से खेद जताते हुए कहा कि यह जानबूझकर दी गई धमकी नहीं, बल्कि भावनात्मक प्रतिक्रिया थी।

वहीं, शिवसेना (यूबीटी) ने इस पूरे मामले की कड़ी आलोचना की है। पार्टी सांसद संजय राउत ने पहले ही मुंबई पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर पाटिल के कथित हिंसक और धमकी भरे बयानों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की थी।

राउत ने अपने पत्र में दावा किया कि पाटिल ने कथित तौर पर कहा था, "मैंने पहले पांच लोगों को मार डाला है।" राउत ने पुलिस से इस कथित बयान को आत्मस्वीकृति के रूप में लेते हुए जांच शुरू करने और यह पता लगाने की मांग की कि वे पांच लोग कौन थे।

इसके अलावा राउत ने आरोप लगाया कि एक अन्य मौके पर पाटिल ने कथित तौर पर कहा था, "अगर कोई मेरे खिलाफ प्रदर्शन करेगा तो मैं उस पर बम फेंक दूंगा। उसके घर में घुसकर उसे मार दूंगा।"

इस बीच, पत्रकार संगठनों ने सांसद की भाषा और धमकी भरे रवैये की निंदा करते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई तथा सार्वजनिक माफी की मांग की है।

--आईएएनएस

डीएससी

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