विपक्ष ने महिलाओं और दक्षिण भारत के साथ किया विश्वासघात: शोभा करंदलाजे
हैदराबाद, 19 अप्रैल (आईएएनएस)। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम तथा श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने रविवार को कांग्रेस और इंडिया गठबंधन पर आरोप लगाया कि उन्होंने न सिर्फ देश की महिलाओं, बल्कि पूरे दक्षिण भारत के साथ भी विश्वासघात किया है।
उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि 17 अप्रैल भारतीय महिलाओं के इतिहास में एक काले दिन के रूप में दर्ज होगा।
उन्होंने दावा किया कि एनडीए सरकार ने महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण बिल के साथ परिसीमन बिल इसलिए पेश किया था, ताकि दक्षिणी राज्यों के हितों की रक्षा की जा सके।
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उद्देश्य उन दक्षिणी राज्यों को सुरक्षा देना है, जिन्होंने जनसंख्या नियंत्रण का सही तरीके से पालन किया है, ताकि भविष्य की जनगणना के बाद उनके साथ कोई अन्याय न हो।
उन्होंने कहा कि जब ये बिल संसद में पास नहीं हो पाए तो कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के नेताओं ने राष्ट्रीय हितों को नजरअंदाज करते हुए इसे ऐसे मनाया जैसे कोई त्योहार हो।
उन्होंने कहा कि उनका हंसना और एक-दूसरे को गले लगाना देश को उत्तर-दक्षिण के आधार पर बांटने की साजिश का सबूत है।
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व वाली सरकार का विरोध करने के चक्कर में विपक्ष ने महिला आरक्षण बिल के महत्व और महिलाओं की जायज मांगों को नजरअंदाज कर दिया। सत्ता की राजनीति में कांग्रेस और उसके सहयोगी महिलाओं के खिलाफ खड़े हो गए हैं और उनके लंबे समय से लंबित प्रतिनिधित्व को फिर से टाल दिया है।
शोभा करंदलाजे ने दुख जताते हुए कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में दक्षिण भारत को न्याय दिलाने के लिए हर राज्य की सीटें 50 प्रतिशत बढ़ाने और सिर्फ एक घंटे का समय मिलने पर नया बिल लाने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन कांग्रेस और इंडिया गठबंधन ने इसे ठुकरा दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष सिर्फ अपने राजनीतिक फायदे के लिए काम कर रहा है, जिससे भविष्य में क्षेत्रीय विभाजन और बढ़ सकता है।
उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन ने तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल जैसे दक्षिणी राज्यों में संसद सीटें बढ़ाने के प्रस्ताव को रोककर दक्षिण भारत के साथ विश्वासघात किया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस वजह से तेलंगाना में सांसदों की संख्या 17 से 26 और आंध्र प्रदेश में 25 से 38 होने का मौका छिन गया।
उन्होंने तेलंगाना में ए. रेवंत रेड्डी सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस शासन में जनता के साथ अन्याय हुआ है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने पिछले चुनावों में किए गए वादों जैसे महिलाओं को 2,500 रुपए की आर्थिक मदद, छात्राओं को इलेक्ट्रिक स्कूटर, बेरोजगारों को भत्ता, आसरा पेंशन में बढ़ोतरी और शादीशुदा बेटियों को एक तोला सोना देने का भी वादा पूरा नहीं किया।
मंत्री ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी प्रधानमंत्री मोदी को लेकर सिर्फ पार्टी हाईकमान को खुश करने के लिए गलत बयान दे रहे हैं और अपने वादे पूरे न कर पाने के कारण जनता को लूट रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों में पीएम मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण को विशेष प्राथमिकता दी गई है।
करंदलाजे ने बताया कि शिक्षा, छात्रवृत्ति और बीमा योजनाओं के अलावा, मुद्रा लोन का 60 प्रतिशत और एमएसएमई सब्सिडी का 53 प्रतिशत हिस्सा महिलाओं को दिया गया है।
--आईएएनएस
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