ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी ने हरियाणा स्थापना दिवस पर 'वर्ल्ड आइडियाज फोरम' की घोषणा की
सोनीपत, 31 अक्टूबर (आईएएनएस)। हरियाणा के गठन की 60वीं वर्षगांठ के अवसर पर हरियाणा की पहली और एकमात्र "इंस्टीट्यूशन ऑफ एमिनेंस" ओ.पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी (जेजीयू) ने अपने पहले वर्ल्ड आइडियाज फोरम के शुभारंभ की घोषणा की है। यह फोरम 23 से 25 जनवरी 2027 तक सोनीपत स्थित विश्वविद्यालय परिसर में "वियर द वर्ल्ड आईडिया मीट" (जहां दुनिया के विचार मिलते हैं) थीम के साथ आयोजित होगा।
एक वार्षिक वैश्विक सम्मेलन के रूप में परिकल्पित यह फोरम सार्वजनिक जीवन, विश्वविद्यालयों, उद्योग, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, कला और नागरिक समाज के नेताओं को एक मंच पर लाएगा, जहां वे विचारों का आदान-प्रदान करेंगे और हमारे समय की प्रमुख चुनौतियों के समाधान तलाशेंगे।
1 नवंबर 1966 को स्थापित हरियाणा अब अपने सातवें दशक में प्रवेश कर रहा है। ऐसे समय में राज्य के पास अपनी उपलब्धियों को आगे बढ़ाते हुए भविष्य की नई संभावनाओं की कल्पना करने का अवसर है। वर्ल्ड आइडियाज फोरम इसी अगले अध्याय में योगदान देने के लिए जेजीयू की प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिसका उद्देश्य हरियाणा को ज्ञान, रचनात्मकता, अंतरराष्ट्रीय संवाद और बौद्धिक आदान-प्रदान के प्रमुख केंद्र के रूप में मजबूत करना है।
इस पहल के केंद्र में सोनीपत के लिए एक महत्वाकांक्षी दृष्टि है—ऐसा शहर जो दुनिया का स्वागत करे और वैश्विक संवादों को दिशा देने में भूमिका निभाए। यह घोषणा हरियाणा के इतिहास के एक महत्वपूर्ण पड़ाव को उसके भविष्य में किए जा रहे निवेश से जोड़ती है।
राज्य के 60 वर्ष पूरे होने के अवसर पर जेजीयू यह दिखाना चाहता है कि एक विश्वविद्यालय केवल कक्षाओं तक सीमित नहीं रहता, बल्कि विविध दृष्टिकोणों को एक मंच पर लाकर, सहयोग को बढ़ावा देकर और ऐसा सार्वजनिक मंच तैयार कर सकता है, जहां विचार संस्थाओं, नीतियों और समाज को प्रभावित करें।
ओ.पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी के संस्थापक कुलाधिपति एवं संरक्षक नवीन जिंदल ने कहा, "हरियाणा की 60वीं वर्षगांठ उसके लोगों की उद्यमशीलता, दृढ़ संकल्प और आकांक्षाओं का उत्सव मनाने का अवसर है। साथ ही यह भविष्य के लिए नए संकल्प लेने का भी समय है। कृषि, उद्योग और खेलों में राज्य की अग्रणी भूमिका उसे शिक्षा, नवाचार और ज्ञान के वैश्विक केंद्र के रूप में आगे बढ़ने की मजबूत नींव देती है।"
उन्होंने कहा, "हमने इस विश्वास के साथ ओ.पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी की स्थापना की थी कि हरियाणा में विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय भारत के लिए नए अवसर पैदा करेगा और दुनिया के साथ गहरा जुड़ाव स्थापित करेगा। वर्ल्ड आइडियाज फोरम उसी विश्वास को आगे बढ़ाता है। वैश्विक आवाजों को सोनीपत लाकर हम हरियाणा के भविष्य में योगदान देना चाहते हैं और युवाओं को उन चर्चाओं का हिस्सा बनाना चाहते हैं, जो आने वाले दशकों को आकार देंगी।"
"वियर द वर्ल्ड आईडिया मीट" टैगलाइन के तहत यह फोरम देशों, संस्कृतियों, पेशों और पीढ़ियों के बीच बहुआयामी तथा गैर-पक्षपातपूर्ण संवाद का मंच बनेगा। विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित होने के कारण इसमें बौद्धिक जिज्ञासा, साक्ष्य-आधारित विमर्श, सम्मानजनक असहमति और नए दृष्टिकोणों के प्रति खुलेपन को केंद्र में रखा जाएगा।
पहला संस्करण शासन, आर्थिक विकास, शिक्षा, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, सतत विकास, संस्कृति और मानव कल्याण जैसे विषयों पर केंद्रित होगा। इसमें यह भी चर्चा होगी कि समाज तकनीकी बदलावों का सामना कैसे करे, सार्वजनिक संस्थाओं को कैसे मजबूत बनाए, अवसरों का विस्तार कैसे करे और भविष्य की पीढ़ियों को अधिक परस्पर जुड़ी दुनिया के लिए कैसे तैयार करे।
कार्यक्रम में मुख्य भाषण, नेतृत्व संवाद, फायरसाइड बातचीत, सार्वजनिक व्याख्यान, साहित्यिक चर्चाएं, पुस्तक विमोचन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां शामिल करने की योजना है। इसके साथ ही नवाचार और स्टार्टअप प्रदर्शनी, छात्र वाद-विवाद, नीति-आधारित सिमुलेशन तथा कला, संगीत, रंगमंच और डिजाइन से जुड़ी प्रदर्शनियां भी आयोजित होंगी।
यह व्यापक स्वरूप फोरम की उस मूल सोच को दर्शाता है कि दुनिया की चुनौतियों का समाधान केवल विभिन्न विषयों और अनुभवों के बीच संवाद से ही संभव है। वैज्ञानिक, कलाकार, नीति-निर्माता, उद्यमी, विद्वान और छात्र—सभी अपनी-अपनी दृष्टि से समझ को गहरा करने और नए समाधान खोजने में योगदान दे सकते हैं।
ओ.पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी के संस्थापक कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) सी. राज कुमार ने कहा, "वर्ल्ड आइडियाज फोरम एक सरल लेकिन शक्तिशाली विश्वास पर आधारित है कि विचारों की दुनिया हमें बेहतर दुनिया की कल्पना करने और उसे बनाने में मदद कर सकती है। विश्वविद्यालयों की जिम्मेदारी है कि वे ऐसे स्थान बनाएं जहां लोग स्वतंत्र रूप से सोच सकें, ध्यान से सुन सकें, मान्यताओं पर सवाल उठा सकें और विभिन्नताओं के बीच सीख सकें।"
उन्होंने कहा, "हमारी दृष्टि दुनिया को सोनीपत तक लाने और यहां से निकलने वाले विचारों को वैश्विक संवादों से जोड़ने की है। हरियाणा के 60 वर्ष पूरे होने के अवसर पर हम ऐसा संवाद मंच स्थापित करना चाहते हैं, जो केवल वर्तमान तक सीमित न रहे बल्कि आने वाले दशकों की संभावनाओं पर भी विचार करे। इस प्रयास के केंद्र में युवा होंगे, जिन्हें विविध दृष्टिकोणों से सीखने और साझा भविष्य को आकार देने की जिम्मेदारी निभाने का अवसर मिलेगा।"
वर्ल्ड आइडियाज फोरम को एक दीर्घकालिक संस्थागत पहल के रूप में तैयार किया गया है, जिसके प्रत्येक अगले संस्करण के साथ नए संबंध बनेंगे और वार्षिक आयोजन से आगे भी संवाद जारी रहेगा।
इसकी प्रमुख प्रस्तावित पहलों में वर्ल्ड आइडियाज लेक्चर, वर्ल्ड आइडियाज अवॉर्ड, वर्ल्ड आइडियाज बुक प्राइज और ग्लोबल यंग आइडियाज फेलोशिप शामिल हैं।
इसके अलावा इंडिया आइडियाज लेक्चर, फ्यूचर लीडर्स डायलॉग और ग्लोबल यूनिवर्सिटीज राउंडटेबल जैसे मंच सार्वजनिक नेतृत्व, उच्च शिक्षा और उभरती प्रतिभाओं को जोड़ेंगे। प्रस्तावित वर्ल्ड आइडियाज डिक्लेरेशन, जेजीयू ग्लोबल फ्यूचर्स रिपोर्ट और वर्ल्ड आइडियाज इंडेक्स के जरिए फोरम की बौद्धिक चर्चा को सार्वजनिक विमर्श और भविष्य के सहयोग तक पहुंचाया जाएगा।
इस पूरी दृष्टि के केंद्र में छात्र और युवा नेता होंगे। अनुभवी नेताओं और विशेषज्ञों के साथ उनका सीधा संवाद शिक्षा को सार्वजनिक जीवन के सवालों और जिम्मेदारियों से जोड़ेगा।
सोनीपत के लिए यह फोरम शिक्षा और विचारों के आदान-प्रदान के माध्यम से एक विशिष्ट अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाने का अवसर है। हरियाणा के विश्वविद्यालय परिसर में भारत और विदेशों से प्रतिभागियों का आगमन शैक्षणिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करेगा, नई साझेदारियों को बढ़ावा देगा और क्षेत्र की संभावनाओं की ओर व्यापक ध्यान आकर्षित करेगा।
इस आयोजन का समय भी विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यह नवंबर 2026 में हरियाणा की 60वीं वर्षगांठ और 2027 में भारत की आजादी के 80 वर्ष पूरे होने के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी बनेगा।
जनवरी 2027 में होने वाला पहला फोरम देश की उपलब्धियों पर विचार करने और 2047 तक की यात्रा के लिए आवश्यक आकांक्षाओं, संस्थाओं और क्षमताओं पर चर्चा का अवसर देगा। वर्ल्ड आइडियाज फोरम के माध्यम से जेजीयू हरियाणा में दुनिया को लाने, युवाओं के लिए नई संभावनाएं खोलने और सोनीपत को वैश्विक महत्व वाले विचारों के मिलन स्थल के रूप में स्थापित करने की दिशा में स्थायी योगदान देना चाहता है।
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