नागरिकों को मतदान अधिकार से वंचित करना 'एकमात्र साजिश', इसे खत्म करना होगा : शशि थरूर
तिरुवनंतपुरम, 28 सितंबर (आईएएनएस)। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सोमवार को कहा कि चल रही "एकमात्र साजिश" भारतीय नागरिकों को उनके लोकतांत्रिक और संवैधानिक मतदान के अधिकार से वंचित करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इसे उजागर और नष्ट किया जाना चाहिए।
शशि थरूर की ये टिप्पणियां एक प्रमुख भारतीय दैनिक की रिपोर्ट के बाद उठे विवाद के बीच आई हैं, जिसमें कहा गया है कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीनों में कम से कम 14 बार औपचारिक रूप से आपत्ति जताई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि महत्वपूर्ण निर्णय उनकी जानकारी के बिना पूरे आयोग के नाम पर लिए गए थे।
हालांकि, भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने इस सुझाव को खारिज कर दिया कि रिपोर्ट की गई आपत्तियां अंतिम निर्णयों पर संस्थागत असहमति के बराबर थीं। चुनाव आयोग ने कहा कि मसौदा तैयार करने के चरण में उठाए गए परिचालन संबंधी प्रश्न, सुझाव और इनपुट उसकी मानक प्रशासनिक और निर्णय लेने की प्रक्रिया का हिस्सा थे।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "सच कहें तो हमें एकमात्र साजिश भारतीय नागरिकों को उनके लोकतांत्रिक संवैधानिक मतदान अधिकार से वंचित करने की नजर आती है। इस साजिश का पर्दाफाश करके इसे खत्म करना होगा। हर भारतीय नागरिक को वोट देने का अधिकार मिलना चाहिए।"
उन्होंने कहा कि यह बेहतर होगा यदि मतदान के हकदार न होने वाले मुट्ठी भर लोग मतदान करने में सफल हो जाएं, बजाय इसके कि बड़ी संख्या में योग्य नागरिकों को उनके मतदान के अधिकार से वंचित किया जाए।
उन्होंने कहा, "यह बेहतर है कि पांच या दस लोग, जिन्हें मतदान का अधिकार नहीं है, मतदान कर रहे हैं, बजाय इसके कि करोड़ों लोग, जिन्हें मतदान का अधिकार है, मतदान से वंचित कर दिए जाएं। यह हमारे लोकतंत्र पर एक वास्तविक हमला है।"
थारूर ने आगामी कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक के बारे में भी बात की और कहा कि वह चर्चा में भाग लेने के लिए सोमवार रात को लौटेंगे।
उन्होंने कहा, "हां, मैं सीडब्ल्यूसी की बैठक के लिए वापस जा रहा हूं। हम सभी अपने लोकतंत्र पर हो रहे गंभीर हमले को लेकर बहुत चिंतित हैं, जो दुर्भाग्यवश चुनाव आयोग के फैसलों के कारण हो रहा है जबकि हमने इस निकाय को अपने लोकतंत्र और चुनावी प्रक्रिया की रक्षा करने की निष्पक्ष भूमिका सौंपी थी।"
उन्होंने कहा कि यह मुद्दा गंभीर है और सीडब्ल्यूसी की बैठक में इस पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। यह बहुत ही गंभीर मामला है और मंगलवार को कार्यकारी समिति में इस पर बहुत गंभीर चर्चा होगी।"
कांग्रेस सांसद ने वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत के वनडे मैच पर भी अपने विचार साझा करते हुए कहा कि उन्हें मैच देखने में मजा आया और भारत की आसान जीत से वे खुश हुए।
थारूर ने कहा कि उपराष्ट्रपति के शहर में होने के कारण वह मैच के पहले कुछ घंटे नहीं देख पाए लेकिन उन्होंने मैच का शेष भाग देखा।
उन्होंने कहा, "मुझे कहना होगा कि एक भारतीय के लिए इतनी आसानी से जीतना संतोषजनक था लेकिन मैं पूरी तरह से खुश नहीं था।" उन्होंने यह भी कहा कि वह मैच की शुरुआत में अधिक प्रभावशाली प्रदर्शन पसंद करते।
--आईएएनएस
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