बंगाल की नाबालिग लड़की की मौत के मामले में एक और व्यक्ति गिरफ्तार
कोलकाता, 6 जुलाई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में 12 वर्षीय लड़की के साथ कथित बलात्कार और हत्या के मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है।
रातभर चले छापेमारी एवं तलाशी अभियान के बाद की गई इस कार्रवाई के साथ मामले में अब तक कुल दो गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। पहले आरोपी को रविवार शाम गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को सोमवार को जिला अदालत में पेश किया जाएगा और पुलिस आगे की जांच के लिए उनकी हिरासत की मांग करेगी।
हालांकि, पुलिस ने अदालत में पेशी होने तक दोनों आरोपियों की पहचान उजागर करने से इनकार किया है। इसके अलावा, तीन अन्य लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
दक्षिण 24 परगना के बारुईपुर पुलिस जिले के एक अंदरूनी सूत्र ने बताया कि रविवार शाम पहले आरोपी से पूछताछ के दौरान मिली अहम जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की गई।
बारुईपुर पुलिस जिले के अधिकारी ने बताया, "उसकी पूछताछ के आधार पर, विभिन्न पुलिस टीमों ने जिले के अलग-अलग स्थानों पर रात भर छापेमारी और तलाशी अभियान चलाया, जिसके बाद दूसरे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया और तीन अन्य को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया।"
रविवार सुबह एक तालाब से 12 वर्षीय लड़की का शव बरामद किया गया। वह शनिवार से लापता थी। नाबालिग का शव मिलने के बाद रविवार को इलाके में तनाव फैल गया। यह भी आरोप है कि एक आक्रोशित भीड़ ने एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी। इस मामले में छह सदस्यीय विशेष जांच दल का गठन किया जा चुका है।
मृतक लड़की के परिवार वालों ने दावा किया है कि पीड़िता के साथ बलात्कार कर उसकी हत्या कर दी गई। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस आरोप की पुष्टि नहीं की है। नाबालिग के शव का पोस्टमार्टम रविवार रात को पूरा हो गया। पुलिस का कहना है कि हत्या का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा। पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह भी स्पष्ट हो जाएगा कि उसके साथ बलात्कार हुआ था या नहीं और रिपोर्ट के आधार पर ही मामला दर्ज किया जाएगा।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने रविवार को पीड़ित के पिता से बात की और उन्हें मामले की उचित जांच का आश्वासन दिया।
इस बीच, तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि रविवार शाम से ही दक्षिण कोलकाता के कालीघाट में पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके भतीजे के आवासों के सामने भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
पूर्व सत्ताधारी पार्टी ने आरोप लगाया था कि ममता बनर्जी और उनके भतीजे के आवासों के सामने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) द्वारा किए गए व्यापक पुलिस मार्च के साथ-साथ भारी संख्या में पुलिस की तैनाती जानबूझकर उन्हें बारुईपुर पहुंचने और पीड़ित नाबालिग लड़की के परिवार के सदस्यों से मिलने से रोकने के लिए की गई थी।
--आईएएनएस
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