जम्मू-कश्मीर में परिसीमन भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिए किया गया: उमर अब्दुल्ला
श्रीनगर, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को कहा कि केंद्र शासित प्रदेश में परिसीमन भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिए किया गया था और एसआईआर प्रक्रिया का इस्तेमाल भी इसी पार्टी की मदद के लिए किया जा रहा है।
यहां पत्रकारों से बात करते हुए उमर अब्दुल्ला ने आरोप लगाया कि परिसीमन के कारण केंद्र शासित प्रदेश को पहले ही नुकसान उठाना पड़ा है।
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में परिसीमन भाजपा को समर्थन देने के लिए किया गया था। वे एसआईआर का इस्तेमाल इसी पार्टी की मदद के लिए कर रहे हैं। वे देश के अन्य हिस्सों में भी ऐसा कर रहे हैं और हो सकता है कि वे जम्मू-कश्मीर में भी ऐसा करें, लेकिन सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस मामले में नोटिस जारी किए जाने के बाद, अब भाजपा की मदद के लिए फॉर्म 7 का दुरुपयोग करना इतना आसान नहीं होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर किसी प्रमुख राष्ट्रीय दैनिक में प्रकाशित रिपोर्ट गलत होती, तो सरकार मानहानि का मुकदमा अखबार पर कर देती। मुख्यमंत्री अब्दुल्ला ने कहा कि अखबार की रिपोर्ट के खिलाफ मानहानि का मुकदमा न होना यह साबित करता है कि रिपोर्ट सही थी।
मंत्रिमंडल विस्तार के मुद्दे पर उमर अब्दुल्ला ने कहा कि दिल्ली में होने वाली आगामी जीएसटी बैठक के बाद वे पार्टी अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला से परामर्श करेंगे और उसके बाद ही मंत्रिमंडल विस्तार करेंगे।
नियमों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में मुख्यमंत्री सहित दस मंत्रियों की परिषद हो सकती है। वर्तमान में मुख्यमंत्री सहित छह मंत्री हैं।
उमर अब्दुल्ला अपने मंत्रिपरिषद में चार मंत्रियों की वृद्धि कर सकते हैं और मौजूदा मंत्रियों में फेरबदल भी कर सकते हैं या किसी भी मंत्री को हटा भी सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पार्टी को मंत्रिमंडल में एक पद देने की पेशकश की थी, जिसके 90 सदस्यीय विधानसभा में छह विधायक हैं। जम्मू-कश्मीर विधानसभा अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने पत्रकारों से कहा है कि जब तक जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल नहीं किया जाता, उनकी पार्टी मंत्रिमंडल में शामिल नहीं होगी।
सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के 41 विधायक हैं: भाजपा के 29, कांग्रेस के 6, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के 4, आम आदमी पार्टी (आप) का एक, सीपीआई (एम) का एक, पीपुल्स कॉन्फ्रेंस (पीसी) का एक, अवामी इत्तेहाद पार्टी (एआईपी) का एक और छह निर्दलीय विधायक हैं। इन छह निर्दलीय विधायकों में से चार एनसी सरकार का समर्थन कर रहे हैं।
--आईएएनएस
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