ऑफिस लीजिंग में बीते पांच वर्षों में सबसे मजबूत वृद्धि, 10 प्रतिशत बढ़कर 21 मिलियन स्क्वायर फीट के पार
नई दिल्ली, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत में ऑफिस लीजिंग वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में सालाना आधार पर 10 प्रतिशत बढ़कर 21.6 मिलियन स्क्वायर फीट पर पहुंच गई है। यह बीते पांच वर्षों में सबसे तेज वृद्धि दर है। यह जानकारी सोमवार को जारी रिपोर्ट में दी गई।
सैविल्स इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान आपूर्ति में सालाना आधार पर 28 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 7.9 मिलियन वर्ग फुट तक पहुंच गई, जबकि स्थिर लीजिंग गतिविधि और अनुशासित आपूर्ति वृद्धि के कारण इसी अवधि के दौरान खाली स्थान कुल ऑफिस स्पेस का घटकर 13.9 प्रतिशत हो गया है।
रिपोर्ट में बताया कि कुल लीजिंग गतिविधियों में टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री 32 प्रतिशत की हिस्सेदारी के साथ शीर्ष पर थी। इसके बाद फ्लेक्सीबल वर्कस्पेस की हिस्सेदारी 22 प्रतिशत और बीएफएसआई की हिस्सेदारी 12 प्रतिशत थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, कुल ऑफिस लीजिंग में एक लाख स्क्वायर फीट या उससे अधिक के ऑफिस की हिस्सेदारी सबसे अधिक 52 प्रतिशत रही।
सैविल्स इंडिया के कमर्शियल एडवाजरी एंड ट्रांजैक्शन के एमडी नवीन नंदवानी ने कहा,“वैश्विक चुनौतियों के बावजूद, भारत का ऑफिस मार्केट 2026 में मजबूत स्थिति में प्रवेश कर चुका है। पहली तिमाही में 21.6 मिलियन वर्ग फुट की मांग दर्ज की गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 10 प्रतिशत अधिक है।”
उन्होंने आगे कहा कि टेक्नोलॉजी, बीएफएसआई, मैन्युफैक्चरिंग और फ्लेक्सीबल वर्कस्पेस में मांग मजबूत बनी हुई है और वैश्विक क्षमता केंद्र (जीसीसी) इस गति को और बढ़ावा दे रहे हैं।
बेंगलुरु और दिल्ली-एनसीआर में मिलाकर इस अवधि के दौरान लगभग 5 मिलियन वर्ग फुट के नए ऑफिस का निर्माण पूरा हुआ, जो पूरे भारत में कुल आपूर्ति का लगभग दो-तिहाई है।
शहर के हिसाब से देखें तो, बेंगलुरु ने अग्रणी ऑफिस बाजार के रूप में अपनी स्थिति बरकरार रखा है, जहां आईटी-बीपीएम ऑपरेटरों के चलते ऑफिस लीजिंग गतिविधि 6 मिलियन स्क्वायर फीट पर रही। इसमें सालाना आधार पर 25 प्रतिशत की वृद्धि देखने को मिली है।
वहीं दूसरी ओर, दिल्ली-एनसीआर में 2026 की पहली तिमाही में 3.6 मिलियन स्क्वायर फीट की ऑफिस मांग देखी गई।
हैदराबाद ने भी अच्छा प्रदर्शन किया, जहां बड़े सौदों और जीसीसी की मजबूत मांग के चलते ऑफिस मांग में 39 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई और यह 4.3 मिलियन स्क्वायर फीट तक पहुंच गई। पुणे में भी लीजिंग गतिविधियों में 20 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई और यह 3 मिलियन स्क्वायर तक पहुंच गया। हालांकि, मुंबई में ऑफिस स्पेस की मांग 2.8 मिलियन स्क्वायर रही।
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