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ओडिशा ईओडब्ल्यू ने 6.88 करोड़ रुपए के एसबीआई लोन धोखाधड़ी मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया

भुवनेश्वर, 28 मई (आईएएनएस)। ओडिशा पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने 6.88 करोड़ रुपए के बैंक लोन धोखाधड़ी मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। यह जानकारी एक वरिष्ठ अधिकारी ने गुरुवार को दी।
ओडिशा ईओडब्ल्यू ने 6.88 करोड़ रुपए के एसबीआई लोन धोखाधड़ी मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया

भुवनेश्वर, 28 मई (आईएएनएस)। ओडिशा पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने 6.88 करोड़ रुपए के बैंक लोन धोखाधड़ी मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। यह जानकारी एक वरिष्ठ अधिकारी ने गुरुवार को दी।

कटक के रहने वाले आरोपी प्रदीप्त कुमार लेंका को ईओडब्ल्यू ने बुधवार को भुवनेश्वर से गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी 5 मई को ईओडब्ल्यू पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले के संबंध में की गई, जो भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), आरबीओ भुवनेश्वर के क्षेत्रीय प्रबंधक शिबा सुंदर साहू की शिकायत पर आधारित था।

शिकायत में एसबीआई अधिकारी ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने एक आपराधिक साजिश रचकर मई 2022 से नवंबर 2023 के बीच एसबीआई की रेल विहार ब्रांच (150), फॉर्च्यून टावर ब्रांच (115), पटिया ब्रांच (8) और दमाना ब्रांच (9) से कुल 6.88 करोड़ रुपए के 282 एक्सप्रेस क्रेडिट लोन लिए। इसके लिए उन्होंने टाटा स्टील लिमिटेड, टीपीसीओडीएल, वेदांता लिमिटेड, धामरा पोर्ट और आरती स्टील्स लिमिटेड जैसी कंपनियों में कर्मचारी होने का झूठा दावा करते हुए फर्जी और मनगढ़ंत नौकरी से जुड़े दस्तावेज जमा किए।

ईओडब्ल्यू ने एक प्रेस बयान में कहा, "गिरफ्तार आरोपी ने लोन लेने वालों और अन्य लोगों के साथ मिलकर कॉर्पोरेट/सरकारी क्षेत्र के लिए तय 282 एक्सप्रेस क्रेडिट लोन 282 अलग-अलग अयोग्य लोगों के नाम पर मंजूर करवाए और उन्हें दिलवाया। इसके लिए उन्होंने सैलरी सर्टिफिकेट, नौकरी का विवरण, बैंक स्टेटमेंट और केवाईसी दस्तावेज जैसे फर्जी और मनगढ़ंत रोजगार रिकॉर्ड पेश किए।"

धोखाधड़ी के जरिए लोन लेने के बाद कथित तौर पर लोन लेने वालों ने ईएमआई चुकाना बंद कर दिया, जिसके बाद ये लोन खाते नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (एनपीए) बन गए और कुल 6,88,29,323 रुपए की बकाया राशि रह गई।

जांच के दौरान ईओडब्ल्यू अधिकारियों ने पाया कि लोन खातों से 3.23 लाख रुपए कथित तौर पर आरोपी लेंका के खाते में ट्रांसफर किए गए थे। जांच में यह भी सामने आया कि लेंका आर्थिक लाभ के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करने में बिचौलिए की भूमिका निभा रहा था।

खास बात यह है कि इस मामले में चार आरोपियों, जिनमें तीन बैंक अधिकारी शामिल हैं, स्मृति रंजन मोहंती, बैशाखी साहा, चारुबाला दंडसेना और सरिता पाइकरे, को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है और वे फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।

ईओडब्ल्यू अधिकारियों ने कई आपत्तिजनक सामान भी जब्त किए हैं, जिनमें एक मोबाइल शामिल है। माना जा रहा है कि इस फोन में धोखाधड़ी से जुड़े सबूत हो सकते हैं।

--आईएएनएस

एसएचके/एबीएम

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