ओडिशा में निवेश को लेकर सीएम माझी ने आईएचसी और अदाणी ग्रुप के साथ 2.10 लाख करोड़ रुपए की 14 राज्य परियोजनाओं पर की बातचीत
भुवनेश्वर, 9 सितंबर (आईएएनएस)। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बुधवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में राज्य के निवेश आकर्षण अभियान की शुरुआत करते हुए अबू धाबी स्थित प्रमुख निवेश कंपनी इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी (आईएचसी) और अदाणी समूह के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक में ओडिशा में विभिन्न रणनीतिक क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई और दोनों समूहों ने राज्य में प्रस्तावित 14 परियोजनाओं में रुचि दिखाई, जिनमें कुल निवेश का अनुमान लगभग 2.10 लाख करोड़ रुपए है।
ओडिशा सरकार के एक बयान में कहा गया है कि बैठक में अदाणी समूह के करण अदाणी और सागर अदाणी, आईएचसी समूह के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सैयद बसर शुएब, मुख्य रणनीति एवं विकास अधिकारी पीटर अब्राहम तथा 2पॉइंटजीरो समूह की सीईओ सामिया बौजा शामिल हुए। इसके अलावा ड्यून, अल सीर मरीन, घीता होल्डिंग पीजेएससी, ईपॉइंट जेन, सिरियस होल्डिंग और बुर्जील होल्डिंग्स के प्रतिनिधियों ने भी चर्चा में भाग लिया।
बैठक के दौरान धातुकर्म, रेयर अर्थ और क्रिटिकल मिनिरल्स, कोयले से रसायन उत्पादन, पोर्ट-आधारित विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) तथा औद्योगिक अवसंरचना (इंडस्ट्रीयल इंफ्रास्ट्रक्चर) जैसे क्षेत्रों में निवेश अवसरों पर विस्तार से चर्चा हुई। राज्य सरकार के अनुसार, अदाणी समूह और आईएचसी समूह ने उन 14 परियोजनाओं का अध्ययन और आगे की संभावनाओं की पड़ताल करने में रुचि दिखाई है, जिनके लिए पहले ही समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं।
इन प्रस्तावित परियोजनाओं से राज्य में लगभग 8.7 लाख रोजगार अवसर सृजित होने का अनुमान है। इनमें करीब 1.9 लाख प्रत्यक्ष रोजगार, 4 लाख अप्रत्यक्ष रोजगार और 2.8 लाख निर्माण गतिविधियों से जुड़े रोजगार शामिल हैं। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया कि ये आंकड़े प्रारंभिक अनुमान हैं और अंतिम निवेश, व्यवहार्यता अध्ययन, नियामकीय अनुमतियों तथा अंतिम समझौतों के आधार पर तय होंगे।
गोलमेज बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि ओडिशा प्राकृतिक संसाधनों, औद्योगिक क्षमताओं, रणनीतिक भौगोलिक स्थिति और तेजी से विकसित हो रहे अवसंरचना तंत्र का अनूठा संयोजन प्रदान करता है। उन्होंने कहा, "ओडिशा में महत्वपूर्ण खनिजों, धातुकर्म, बंदरगाह-आधारित विकास और उभरते औद्योगिक क्षेत्रों में दीर्घकालिक निवेश की अपार संभावनाएं हैं। हम आईएचसी और उससे जुड़ी कंपनियों का राज्य में निवेश के लिए स्वागत करते हैं।"
मुख्यमंत्री ने निवेशकों को राज्य के उद्योग-अनुकूल वातावरण की जानकारी देते हुए भरोसा दिलाया कि सरकार रणनीतिक निवेश और यूएई की कंपनियों के साथ साझेदारी को सुगम बनाने के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य की नीतियां निवेशकों को तेजी से परियोजनाएं स्थापित करने और कारोबार बढ़ाने के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराती हैं।
यूएई दौरे के दौरान मुख्यमंत्री माझी ने इंडियन बिजनेस एंड प्रोफेशनल ग्रुप (आईबीपीजी) के साथ भी एक विशेष गोलमेज चर्चा में भाग लिया, जिसमें ओडिशा और यूएई के बीच व्यापार तथा निर्यात सहयोग को मजबूत करने पर विचार-विमर्श किया गया।
चर्चा के दौरान हल्दी, अदरक, समुद्री खाद्य उत्पाद, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग और यूएई के प्रमुख ब्रांडों के लिए कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में सहयोग के अवसरों पर प्रकाश डाला गया। साथ ही ओडिशा के कुशल पेशेवरों और तकनीकी विशेषज्ञों की यूएई में संभावित तैनाती पर भी चर्चा हुई।
बैठक में यूएई में पहले से कारोबार कर रही कई ओडिशा-आधारित कंपनियों ने भी हिस्सा लिया। आईबीपीजी के अध्यक्ष राजीव शाह भी इस संवाद का हिस्सा बने।
--आईएएनएस
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