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ओडिशा के मुख्यमंत्री ने बीरभूम में भाजपा के लिए प्रचार किया, बंगाल में बदलाव का आह्वान

कोलकाता, 2 अप्रैल (आईएएनएस)। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के रामपुरहाट में भाजपा उम्मीदवारों के पक्ष में चुनाव-प्रचार कर राज्य में बदलाव का आह्वान किया। उन्होंने दावा किया कि अंग बदल गया है, कलिंग बदल गया है, अब बंगाल भी बदलेगा।
ओडिशा के मुख्यमंत्री ने बीरभूम में भाजपा के लिए प्रचार किया, बंगाल में बदलाव का आह्वान

कोलकाता, 2 अप्रैल (आईएएनएस)। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के रामपुरहाट में भाजपा उम्मीदवारों के पक्ष में चुनाव-प्रचार कर राज्य में बदलाव का आह्वान किया। उन्होंने दावा किया कि अंग बदल गया है, कलिंग बदल गया है, अब बंगाल भी बदलेगा।

गुरुवार को ही चार भाजपा उम्मीदवारों, ध्रुव साहा (रामपुरहाट), अनिल सिंह (नलहाटी), निखिल बनर्जी (हंसन), और रिंकी घोष (मुरारई), ने रामपुरहाट के सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट के दफ़्तर में अपने नामांकन दाखिल किए।

उम्मीदवारों के समर्थन में ओडिशा के मुख्यमंत्री का काफिला रामपुरहाट पहुंचा और उन्होंने सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट के दफ्तर में उनके साथ लगभग 40 मिनट बिताए।

दफ्तर से बाहर निकलने के बाद मीडिया से बात करते हुए माझी ने कहा कि लोगों ने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई है। जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में विकास हो रहा है, उसी तरह बंगाल में भी एक भ्रष्टाचार-मुक्त सरकार बनेगी। इस बार बंगाल का भविष्य 'डबल-इंजन' सरकार ही है।

उन्होंने आगे कहा कि मैं पहले मिदनापुर में प्रचार करने आया था और इस बार मैं बीरभूम आया हूं। लोगों की प्रतिक्रिया देखकर ऐसा लगता है कि इस बार बंगाल में कमल खिलेगा।

इस दौरान उन्होंने पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। सीएम माझी ने दावा किया कि लोग बदलाव के लिए वोट देंगे। उन्होंने कहा कि बंगाल में विकास रुका हुआ है। लोग विकास और स्वच्छ शासन चाहते हैं। इसी उम्मीद के कारण भाजपा के लिए समर्थन बढ़ रहा है।

माझी ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (एसआईआर) अभ्यास के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में किसका नाम होगा, यह संविधान के अनुसार तय किया जा रहा है। बिहार, उत्तर प्रदेश और ओडिशा में भी इसी प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है। देश के नागरिकों के नाम मतदाता सूची में होने चाहिए। घुसपैठियों के नाम वहां क्यों होने चाहिए? घुसपैठिए न तो मतदाता सूची में होंगे और न ही देश में।

--आईएएनएस

पीएसके

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