ओडिशा कैबिनेट ने 450 करोड़ रुपए की ‘दक्ष्यता विकास योजना’ को दी मंजूरी
भुवनेश्वर, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। ओडिशा मंत्रिमंडल ने मंगलवार को राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, उद्योग, वित्त, कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा तथा कृषि एवं किसान सशक्तिकरण समेत 11 विभागों से जुड़े 16 प्रमुख प्रस्तावों को मंजूरी दे दी।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की अध्यक्षता में भुवनेश्वर में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की 48वीं बैठक में इन प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई।
कैबिनेट द्वारा मंजूर प्रमुख प्रस्तावों में कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा (एसडी एंड टीई) विभाग की 'दक्ष्यता विकास योजना' भी शामिल है। 2026-27 से 2028-29 तक की अवधि के लिए 450 करोड़ रुपए की लागत वाली इस प्रमुख कौशल विकास योजना का उद्देश्य ओडिशा के युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाना और उन्हें देश-विदेश में उभरते रोजगार अवसरों के लिए तैयार करना है।
नई योजना के बारे में जानकारी देते हुए मुख्य सचिव अनु गर्ग ने कहा, "यह योजना युवाओं के लिए तैयार की गई है। राज्य के करीब 4.2 लाख युवाओं को इसका लाभ मिलेगा। यह 450 करोड़ रुपए की योजना है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता कौशल प्रशिक्षण को उच्च शिक्षा से जोड़ना है।"
सरकारी बयान के अनुसार, योजना के तहत राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों में स्किल हब स्थापित किए जाएंगे। यहां छात्रों को उनकी पढ़ाई के साथ-साथ रोजगार से जुड़े और राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचे (एनएसक्यूएफ) के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे उद्योगों की जरूरतों के अनुसार कौशल हासिल कर सकेंगे और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
राज्य सरकार को उम्मीद है कि इस योजना से ओडिशा के युवाओं के लिए विदेशों में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। अंतरराष्ट्रीय श्रम बाजार में कुशल कामगारों की बढ़ती मांग को देखते हुए पात्र छात्रों को जर्मन और जापानी जैसी विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही सांस्कृतिक प्रशिक्षण, प्रमाणन सहायता, वीजा सहायता, यात्रा सहायता और नौकरी मिलने के बाद सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।
सरकारी बयान में कहा गया है कि योजना के तहत 1.17 लाख युवाओं को रोजगार से जुड़ा अल्पकालिक प्रशिक्षण दिया जाएगा, जबकि 3 लाख युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा एनालिटिक्स और साइबर सुरक्षा जैसे उभरते क्षेत्रों में डिजिटल कौशल प्रशिक्षण मिलेगा।
योजना के अंतर्गत दिव्यांगजन, जेल बंदी, ट्रांसजेंडर समुदाय और विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों जैसे संवेदनशील वर्गों के लिए विशेष परियोजनाओं को भी समर्थन दिया जाएगा।
कैबिनेट ने मुख्यमंत्री कौशल विकास फेलोशिप को जारी रखने की भी मंजूरी दी। इसके तहत 40 फेलो विभिन्न जिलों में तैनात किए जाएंगे, जो कौशल की मांग का आकलन, कौशल अंतर की पहचान और उद्योगों के साथ साझेदारी जैसे कार्यों में सहयोग करेंगे।
इसके अलावा, प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं की प्रगति और रोजगार परिणामों की निगरानी के लिए ‘स्किल्ड-इन-ओडिशा डिजिटल हब’ भी स्थापित किया जाएगा।
मंगलवार की कैबिनेट बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा प्रस्तुत कई अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।
--आईएएनएस
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