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एमएमडीआर संशोधन एक्ट को लेकर ओडिशा विधानसभा में लगातार तीसरे दिन हंगामा

एमएमडीआर संशोधन एक्ट को लेकर ओडिशा विधानसभा में लगातार तीसरे दिन हंगामा
एमएमडीआर संशोधन एक्ट को लेकर ओडिशा विधानसभा में लगातार तीसरे दिन हंगामा

भुवनेश्वर, 24 सितंबर (आईएएनएस)। ओडिशा विधानसभा के मानसून सत्र में गुरुवार को लगातार तीसरे दिन कामकाज में बाधा आई। विपक्षी पार्टी बीजू जनता दल (बीजेडी) और कांग्रेस के विधायकों ने एमएमडीआर संशोधन एक्ट को लेकर सदन में विरोध प्रदर्शन किया।

बीजेडी और कांग्रेस के सदस्य पिछले दो दिनों से अलग-अलग मुद्दों पर सदन में विरोध कर रहे थे। हालांकि, बीजेडी के विधायक पिछले दो दिनों से स्कूली किताबों में छपाई की गलतियों को लेकर स्कूल और जन शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।

उन्होंने गुरुवार को एमएमडीआर संशोधन एक्ट को लेकर सदन में हंगामा किया और इसे रद्द करने की मांग की।

मानसून सत्र के तीसरे दिन जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई, तो कांग्रेस और बीजेडी के विधायकों ने स्पीकर के आसन के पास पोस्टर और बैनर लेकर सरकार विरोधी नारे लगाए और एमएमडीआर संशोधन कानून को रद्द करने की मांग की।

इस हंगामे के बीच, डिप्टी स्पीकर भबानी शंकर भोई ने कार्यवाही चलाने की कोशिश की और प्रश्न काल के दौरान मंत्री मुकेश महालिंग और सुरेश पुजारी ने सवालों के जवाब दिए।

इस दौरान, विपक्षी विधायकों के लगातार हंगामे के कारण डिप्टी स्पीकर को सदन की कार्यवाही शाम 4 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।

कांग्रेस विधायकों ने बाद में विधानसभा परिसर में महात्मा गांधी की मूर्ति के पास विरोध प्रदर्शन किया, जबकि बीजेडी विधायकों ने विधानसभा से ओडिशा माइनिंग कॉर्पोरेशन (ओएमसी) के दफ्तर तक मार्च किया। उन्होंने एमएमडीआर संशोधन अधिनियम, 2026 को राज्य के हितों के खिलाफ बताते हुए ओएमसी दफ्तर का घेराव किया।

वरिष्ठ बीजेडी नेता और पार्टी विधायक अरुण साहू ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि ओएमसी दफ्तर के बाहर पार्टी का विरोध प्रदर्शन एमएमडीआर संशोधन अधिनियम के खिलाफ आर्थिक नाकेबंदी की शुरुआत थी।

साहू ने कहा कि बीजेडी ने सरकार और केंद्र को कानून वापस लेने का अल्टीमेटम दिया है। मांग पूरी नहीं हुई, तो पार्टी अपना आंदोलन तेज करेगी और पूरे राज्य में आर्थिक नाकेबंदी शुरू करेगी। यह तो बस शुरुआत है। अगर सरकार कोई कदम नहीं उठाती है, तो हम अपना विरोध जारी रखेंगे और एक बड़ी रणनीति अपनाएंगे।

उन्होंने आरोप लगाया कि इस संशोधन से ओडिशा के हितों पर बुरा असर पड़ेगा और राज्य को खनिज संसाधनों में उसका वाजिब हिस्सा नहीं मिल पाएगा। पार्टी लोगों को भी एकजुट करेगी और इस कानून के खिलाफ अपना अभियान तेज करेगी।

कांग्रेस नेता तारा प्रसाद बाहिनीपति ने आरोप लगाया कि एमएमडीआर संशोधन कानून लागू होने के कारण ओडिशा को हर साल होने वाले 1,000 करोड़ रुपए के नुकसान के अलावा 1.10 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने ओडिशा के उन लोगों के साथ धोखा किया है, जिन्होंने 2024 के आम चुनावों में उन्हें सत्ता दी थी।

--आईएएनएस

एएसएच/एबीएम

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