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बंगाल: वंदे भारत एक्सप्रेस में आतंकी खतरे की मॉक ड्रिल, हावड़ा स्टेशन पर एनएसजी का अभ्यास

बंगाल: वंदे भारत एक्सप्रेस में आतंकी खतरे की मॉक ड्रिल, हावड़ा स्टेशन पर एनएसजी का अभ्यास
बंगाल: वंदे भारत एक्सप्रेस में आतंकी खतरे की मॉक ड्रिल, हावड़ा स्टेशन पर एनएसजी का अभ्यास

कोलकाता, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) ने हावड़ा रेलवे स्टेशन पर आतंकवाद-रोधी (सीटी) मॉक ड्रिल की। यह मॉक ड्रिल 28-29 सितंबर की रात को हुई।

कोलकाता स्थित एनएसजी के 29 स्पेशल कम्पोजिट ग्रुप ने रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (आरपीएफ), पश्चिम बंगाल स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ), पश्चिम बंगाल पुलिस और राज्य अग्निशमन सेवा के साथ मिलकर यह अभ्यास किया।

इसमें वंदे भारत एक्सप्रेस में आतंकी घटना का एक नकली सीन बनाया गया था। कमांडो ने स्टेशन को सुरक्षित किया, ट्रेन में चढ़े और 'खतरे' को खत्म किया। वंदे भारत एक्सप्रेस को शामिल करते हुए इस महत्वपूर्ण स्टेशन पर यह अपनी तरह की पहली ड्रिल है।

अधिकारियों ने बताया कि इस अभ्यास का मकसद अलग-अलग एजेंसियों के बीच तालमेल बेहतर करना, प्रतिक्रिया के तरीकों को परखना और रेलवे के अहम माहौल में आतंकी हमले जैसी आपात स्थिति से असरदार ढंग से निपटने के लिए ऑपरेशनल तैयारी को मजबूत करना था।

उन्होंने कहा कि इस वास्तविक अभ्यास से शामिल एजेंसियों को एक नकली संकट की स्थिति में मिलकर प्रतिक्रिया देने, जानकारी साझा करने और सौंपी गई जिम्मेदारियों को पूरा करने का अभ्यास करने का मौका मिला।

एक अधिकारी ने कहा, "ट्रेन या रेलवे परिसर से जुड़ी किसी भी स्थिति में आरपीएफ और राज्य पुलिस सबसे पहले कार्रवाई करती हैं, लेकिन जब हालात उनके नियंत्रण से बाहर हो जाते हैं, तब एनएसजी को बुलाया जाता है।"

उन्होंने कहा कि ऐसे हालात में पूरे तालमेल की जरूरत होती है और ये एक्सरसाइज इमरजेंसी के समय पालन किए जाने वाले स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) बनाने में मदद करती हैं।

कोलकाता में एनएसजी हब के कमांडो कई जगहों पर ड्रिल करते हैं, जिनमें होटल, मॉल, ऊंची इमारतों वाले ऑफिस, फैक्टरी और मेट्रो स्टेशन शामिल हैं। ऐसी एक्सरसाइज से जवानों को जगह का लेआउट समझने में मदद मिलती है, जो किसी संकट से निपटने के समय बहुत काम आता है।

हावड़ा स्टेशन पर ड्रिल के दौरान, एनएसजी को स्टेशन परिसर और हाल ही में शुरू हुई वंदे भारत ट्रेनों के अंदरूनी हिस्से को करीब से देखने और समझने का मौका मिला। अधिकारी ने कहा कि इससे इमरजेंसी के समय सही प्लानिंग करने और लोगों की जान बचाने में मदद मिलती है।

डॉग स्क्वॉड के अलावा, एनएसजी ने ड्रिल के दौरान बम का पता लगाने वाले रोबोट और दूसरे हाई-टेक उपकरणों का इस्तेमाल किया।

अधिकारी ने आगे कहा, "इस एक्सरसाइज से आतंकवाद से जुड़ी आपातकालीन स्थितियों में तेजी से तालमेल के साथ और असरदार तरीके से निपटने, और जरूरी ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सभी शामिल एजेंसियों का संकल्प और पक्का हुआ।"

--आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी

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