‘पुलिस से डरने वाले नहीं’, सीईसी के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान दिल्ली में हिरासत में लिए गए आप नेता
नई दिल्ली, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। दिल्ली के जंतर-मंतर पर शुक्रवार को प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे पुलिस से डरने वाले नहीं हैं। प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। हिरासत में लेने के बाद उन्हें दक्षिण दिल्ली के फतेहपुर बेरी थाने ले जाया गया।
आयोग के भीतर मतभेद होने का दावा करने वाली एक मीडिया रिपोर्ट सामने आने के बाद सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के 'वोट चोरी' के आरोपों ने जोर पकड़ लिया है।
हिरासत में लिए गए नेताओं में शामिल दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने आईएएनएस से कहा, ''भारत के लोगों को वोट देने का अधिकार तब मिला, जब लाखों स्वतंत्रता सेनानियों ने आजादी के लिए अपना जीवन बलिदान किया। बाबा साहेब अंबेडकर ने हमें वोट देने का अधिकार दिया।''
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ज्ञानेश कुमार के जरिए लोगों से वोट देने का अधिकार छीनने की कोशिश कर रही है।
आतिशी ने कहा, ''वोट चोरी को लेकर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज नहीं हो रही है, लेकिन उनके इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन करने वालों को जबरन उठाकर पुलिस थानों में ले जाया जा रहा है। लेकिन हम पुलिस से डरने वाले नहीं हैं। लोकतंत्र की लड़ाई जारी रहेगी।''
हिरासत में लिए गए आप प्रवक्ता अनुराग ढांडा ने भी इसी तरह के आरोप लगाए। उन्होंने कहा, ''हम सिर्फ मांग कर रहे हैं कि लोकतंत्र को खत्म नहीं किया जाना चाहिए। हम कह रहे थे कि लोगों को वोट देने का अधिकार मिलना चाहिए। ज्ञानेश कुमार ने वोट देने का अधिकार छीना और वोट चोरी की, फिर भी उन्हें जेल में नहीं डाला जा रहा है। इसके बजाय हमें पुलिस थाने में बैठाया गया है। यह केंद्र सरकार की पूरी तरह तानाशाही है।''
इस बीच, 'आप' की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज और विधायक जरनैल सिंह समेत पार्टी के कई अन्य नेताओं ने राष्ट्रीय राजधानी में विरोध मार्च में हिस्सा लिया। भारद्वाज ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि देशभर में अलग-अलग उम्र के लोग मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ''देश और लोकतंत्र को बचाने के लिए विभिन्न राजनीतिक दल, सामाजिक संगठन, युवा संगठन, छात्र संघ और कॉलेज एवं विश्वविद्यालयों के छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं। इसलिए ज्ञानेश कुमार को हटाना होगा, चुनाव आयोग में सुधार करने होंगे और एसआईआर में हुई अनियमितताओं को वापस लेना होगा। यही इसका समाधान है और सरकार को इसे स्वीकार करना होगा।''
'आप' विधायक जरनैल सिंह ने आरोप लगाया, ''दो अन्य चुनाव आयुक्तों ने मुख्य चुनाव आयुक्त की पोल खोल दी है। जब तक हम यह बात कह रहे थे, तब तक इसे आरोप कहा जा सकता था, लेकिन अब उनका अपराध साबित हो गया है। भाजपा की मदद के लिए वोट हटाने को लेकर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज होना चाहिए, उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए और तत्काल पद से हटाया जाना चाहिए।''
'आप' विधायक संजीव झा ने भी भाजपा और ज्ञानेश कुमार पर 'लोकतंत्र को खत्म करने की साजिश' रचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देश के लोकतंत्र से विश्वासघात और देशद्रोह का मामला दर्ज किया जाना चाहिए और उन्हें तत्काल जेल भेजा जाना चाहिए।
--आईएएनएस
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