स्कूल परिसरों में बिना अनुमति प्रवेश नहीं, गुजरात सरकार ने जारी किए कड़े नियम
गांधीनगर, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। गुजरात सरकार ने स्कूल परिसर में प्रवेश करने वाले बाहरी आगंतुकों के लिए स्कूल प्रधानाचार्यों से पूर्व लिखित अनुमति अनिवार्य कर दी है। इसके साथ ही छात्रों, शिक्षकों या स्कूल की गतिविधियों से संबंधित फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, साक्षात्कार और लाइव स्ट्रीमिंग पर बिना अनुमति के प्रतिबंध लगा दिया है।
शिक्षा विभाग ने बुधवार को एक परिपत्र जारी किया, जिसमें प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षण संस्थानों में प्रवेश को विनियमित करने और छात्रों और कर्मचारियों की सुरक्षा, गोपनीयता और गरिमा की रक्षा के लिए नौ निर्देश दिए गए हैं।
नए निर्देशों के तहत, आगंतुकों को स्कूल परिसर में प्रवेश करने से पहले आगंतुक रजिस्टर में अपना विवरण दर्ज कराना होगा।
वे केवल प्रधानाचार्य या संस्थान के प्रमुख से पूर्व लिखित अनुमति के साथ और प्रधानाचार्य, एक शिक्षक या एक अधिकृत स्कूल अधिकारी के साथ ही कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों, छात्रावासों, खेल के मैदानों, शौचालयों और अन्य क्षेत्रों में प्रवेश कर सकते हैं।
अपने आधिकारिक कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए विधिवत अधिकृत सरकारी अधिकारियों को प्रवेश के लिए पूर्व लिखित अनुमति प्राप्त करने की आवश्यकता से छूट दी गई है।
इस परिपत्र में प्रधानाचार्य की पूर्व लिखित अनुमति के बिना छात्रों, शिक्षकों, या विद्यालय की गतिविधियों से संबंधित फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, साक्षात्कार, ऑडियो रिकॉर्डिंग और लाइव स्ट्रीमिंग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
ऐसी गतिविधियाँ केवल वैध उद्देश्यों के लिए ही अनुमत हो सकती हैं।
विद्यालय अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि छात्रों की तस्वीरें, वीडियो और व्यक्तिगत जानकारी इस तरह से एकत्र, प्रकाशित या प्रसारित न की जाए जिससे उनकी निजता, गरिमा या सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।
विभाग ने कहा कि ये निर्देश शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश को विनियमित करने और छात्रों और कर्मचारियों की सुरक्षा और निजता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जारी किए गए हैं।
प्रधानाचार्य की पूर्व लिखित अनुमति के बिना आगंतुकों को व्यक्तिगत बच्चों के बारे में जानकारी एकत्र करने या उनकी पहचान या तस्वीरें प्रकाशित करने की अनुमति नहीं होगी, विशेष रूप से जहां ऐसी गतिविधियां बच्चे के हित में नहीं हैं या उनकी सुरक्षा, गरिमा, या निजता को प्रभावित कर सकती हैं।
परिपत्र में यह भी कहा गया है कि प्रधानाचार्य उन आगंतुकों को प्रवेश देने से मना कर सकते हैं जिनकी उपस्थिति विद्यालय की सुरक्षा, निजता, अनुशासन या शैक्षिक वातावरण को प्रभावित कर सकती है।
यदि कोई व्यक्ति बिना अनुमति के प्रवेश करता है, अनधिकृत फोटोग्राफी या वीडियोग्राफी का प्रयास करता है, या विद्यालय के कामकाज में बाधा डालता है, तो प्रधानाचार्य को तुरंत स्थानीय पुलिस और संबंधित शिक्षा अधिकारियों को सूचित करना होगा।
इनमें जिला शिक्षा अधिकारी, जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी या तालुका प्राथमिक शिक्षा अधिकारी शामिल हैं।
निर्देशों में निरीक्षण अधिकारियों को भी कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।
प्रधानाचार्य और संस्थानों के प्रमुख अनधिकृत आगंतुकों को जाने का निर्देश दे सकते हैं और आवश्यकता पड़ने पर पुलिस सहायता ले सकते हैं।
--आईएएनएस
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