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चक्रवात 'अर्नब' का बंगाल पर सीधा असर नहीं, 27 से 30 अक्टूबर तक बारिश के आसार

चक्रवात 'अर्नब' का बंगाल पर सीधा असर नहीं, 27 से 30 अक्टूबर तक बारिश के आसार
चक्रवात 'अर्नब' का बंगाल पर सीधा असर नहीं, 27 से 30 अक्टूबर तक बारिश के आसार

कोलकाता, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। कोलकाता स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने रविवार को कहा कि पश्चिम बंगाल में चक्रवात 'अर्नब' का कोई सीधा प्रभाव नहीं पड़ेगा। हालांकि, इसके प्रभाव से 27 से 30 अक्टूबर के बीच छिटपुट बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ेंगी।

मौसम विभाग ने बताया कि पूर्वी-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव आठ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दक्षिण-पूर्व की ओर बढ़ रहा है। शनिवार रात 11:30 बजे तक इसकी स्थिति अंडमान के श्रीविजयपुरम से 470 किलोमीटर उत्तर-उत्तर-पश्चिम, आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम से 860 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व, काकीनाडा से 950 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व, मछलीपटनम से 1,060 किलोमीटर पूर्व और बापटला से 1,130 किलोमीटर पूर्व में थी।

रविवार को यह धीरे-धीरे दक्षिण की ओर बढ़ेगा और पूर्वी मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में मुड़ जाएगा। इसके बाद, यह उसी दिशा में आगे बढ़ेगा और सोमवार सुबह तक चक्रवात में बदल जाएगा। यदि चक्रवात बनता है, तो इसे 'अर्नब' नाम दिया जाएगा।

यह समुद्र के ऊपर और अधिक शक्ति प्राप्त करेगा और मंगलवार सुबह तक एक गंभीर चक्रवात में परिवर्तित हो सकता है। अगर ऐसा होता है तो यह भयंकर चक्रवात धीरे-धीरे उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ सकता है और बेहद भयंकर चक्रवात का रूप ले सकता है। यह बुधवार सुबह आंध्र प्रदेश के तट पर पहुंचेगा। बुधवार दोपहर तक यह चक्रवात बापटाला और विशाखापत्तनम के बीच आंध्र प्रदेश के तट पर 'अत्यंत भयंकर' रूप में दस्तक देगा। उस समय तूफान की गति 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटा होगी और 140 किलोमीटर प्रति घंटा तक भी पहुंच सकती है।

निम्न दबाव प्रणाली और चक्रवात के प्रभाव से पूर्वी-मध्य और दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में तेज हवाएं चलेंगी। रविवार से ही समुद्र में हवा की गति बढ़ने लगी है।

पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में मंगलवार से अलर्ट जारी कर दिया गया है और मछुआरों को मंगलवार के बाद समुद्र से दूर रहने को कहा गया है। जो मछुआरे वहां मौजूद हैं, उन्हें मंगलवार तक वापस लौटने के लिए कहा गया है।

पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में मंगलवार से हवा की गति 35 से 55 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी। निम्न दबाव प्रणाली और चक्रवात के प्रभाव से समुद्र में बड़ी लहरें उठेंगी।

चक्रवात के प्रभाव से दक्षिण बंगाल के कुछ जिलों में भारी बारिश होगी। बुधवार और गुरुवार को दक्षिण 24 परगना, पूर्वी मिदनापुर, पश्चिमी मिदनापुर और झारग्राम जिलों में भारी बारिश की संभावना है। इसके अलावा, गुरुवार को पुरुलिया और बांकुड़ा में भी भारी बारिश हो सकती है।

बुधवार और गुरुवार को कोलकाता, हावड़ा और हुगली में छिटपुट बारिश, गरज और बिजली गिरने की संभावना है। उत्तर 24 परगना, पूर्वी बर्दवान, पश्चिमी बर्दवान, बीरभूम, मुर्शिदाबाद और नादिया जिलों में बुधवार से शनिवार तक यही स्थिति बनी रहेगी।

उत्तर बंगाल में, गुरुवार से दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार जिलों में भारी बारिश की संभावना है। शेष उत्तरी जिलों में छिटपुट बारिश के साथ गरज और बिजली गिरने की संभावना है। पश्चिम बंगाल में अगले तीन दिनों तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। इसके बाद पारा दो से तीन डिग्री तक गिर सकता है।

रविवार सुबह कोलकाता में न्यूनतम तापमान 23.4 डिग्री सेल्सियस था, जो सामान्य से 0.4 डिग्री अधिक था। शनिवार को शहर में अधिकतम तापमान 31.2 डिग्री सेल्सियस था, जो सामान्य से 0.5 डिग्री कम था।

--आईएएनएस

एएसएच/एबीएम

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