Samachar Nama
×

दिल्ली: राष्ट्रपति भवन में 18 अप्रैल को ‘चेंज ऑफ गार्ड’ समारोह नहीं होगा

नई दिल्ली, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। राष्ट्रपति भवन के फोरकोर्ट में 18 अप्रैल को होने वाला ‘चेंज ऑफ गार्ड’ समारोह इस बार नहीं होगा। यह कार्यक्रम इसलिए रद्द किया गया है क्योंकि आगामी कोरिया गणराज्य के राष्ट्रपति के राजकीय दौरे से जुड़े औपचारिक स्वागत समारोह की तैयारी के लिए रिहर्सल की जा रही है। यह जानकारी राष्ट्रपति सचिवालय के एक अधिकारी ने गुरुवार को दी।
दिल्ली: राष्ट्रपति भवन में 18 अप्रैल को ‘चेंज ऑफ गार्ड’ समारोह नहीं होगा

नई दिल्ली, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। राष्ट्रपति भवन के फोरकोर्ट में 18 अप्रैल को होने वाला ‘चेंज ऑफ गार्ड’ समारोह इस बार नहीं होगा। यह कार्यक्रम इसलिए रद्द किया गया है क्योंकि आगामी कोरिया गणराज्य के राष्ट्रपति के राजकीय दौरे से जुड़े औपचारिक स्वागत समारोह की तैयारी के लिए रिहर्सल की जा रही है। यह जानकारी राष्ट्रपति सचिवालय के एक अधिकारी ने गुरुवार को दी।

आमतौर पर राष्ट्रपति भवन के फोरकोर्ट में ‘चेंज ऑफ गार्ड’ समारोह हर शनिवार सुबह 8 बजे से 9 बजे तक आयोजित किया जाता है।

पहले गणतंत्र दिवस परेड और बीटिंग रिट्रीट समारोह के कारण 21 से 29 जनवरी तक राष्ट्रपति भवन (सर्किट-1) में सार्वजनिक भ्रमण अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था।

सामान्य तौर पर राष्ट्रपति भवन का मुख्य भवन मंगलवार से रविवार तक (गजटेड छुट्टियों को छोड़कर) जनता के लिए खुला रहता है। इसे दिन में सुबह 9:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक देखा जा सकता है।

राष्ट्रपति भवन संग्रहालय परिसर भी मंगलवार से रविवार तक (गजटेड छुट्टियों को छोड़कर) आगंतुकों के लिए खुला रहता है। यहां विज़िटर्स ऑनलाइन स्लॉट बुक कर सकते हैं।

यदि कोई शनिवार गजटेड अवकाश हो या राष्ट्रपति भवन की ओर से विशेष सूचना जारी की जाए, तो उस दिन ‘चेंज ऑफ गार्ड’ समारोह नहीं होता।

राष्ट्रपति भवन परिसर में स्थित 15 एकड़ का ‘अमृत उद्यान’ भी प्रमुख आकर्षणों में शामिल है। यह विशेष उद्यान आमतौर पर फरवरी-मार्च में जनता के लिए खोला जाता है।

अमृत उद्यान शहर की भागदौड़ से दूर एक शांत वातावरण प्रदान करता है, जहां लोग विभिन्न प्रकार के फूलों, पेड़ों और फव्वारों का आनंद लेते हैं।

राष्ट्रपति भवन भारत के राष्ट्रपति का आधिकारिक निवास है, जिसकी परिकल्पना 1911 में उस समय की गई थी जब ब्रिटिश भारत की राजधानी कोलकाता से दिल्ली स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया था।

यह भवन ‘एच’ आकार का है, जो 330 एकड़ के विशाल परिसर में फैला है। इसमें चार मंजिलें हैं और लगभग 340 कमरे हैं, साथ ही करीब 2.5 किलोमीटर लंबे गलियारे हैं।

इसका निर्माण 1912 में शुरू हुआ और 17 वर्षों में पूरा होकर 1929 में समाप्त हुआ।

इस भवन को वास्तुकार एडविन लुटियंस ने डिजाइन किया था। स्वतंत्रता से पहले यह वायसराय हाउस था और 15 अगस्त 1947 को इसे ‘गवर्नमेंट हाउस’ नाम दिया गया।

बाद में डॉ. राजेंद्र प्रसाद के कार्यकाल में इसे ‘राष्ट्रपति भवन’ नाम मिला।

आज राष्ट्रपति भवन भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतीक है।

यह भवन कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय आयोजनों का स्थल रहा है। यह स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्वों के प्रमुख आयोजनों का भी केंद्र है।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी

Share this story

Tags