निवेश के लिए आंध्र प्रदेश से बेहतर जगह कोई नहीं: मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू
अमरावती, 20 जनवरी (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने मंगलवार को कहा कि निवेश के लिए आंध्र प्रदेश से बेहतर कोई जगह नहीं है। उन्होंने उद्योगपतियों से अपील की कि वे राज्य का दौरा करें, सरकार की नीतियों और निवेश के अनुकूल माहौल को स्वयं देखें और इसके बाद ही निवेश से जुड़े फैसले लें।
विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक में भाग लेने दावोस पहुंचे मुख्यमंत्री, भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के सत्र “इंडिया ऐट द सेंटर: द जियोग्राफी ऑफ ग्रोथ-द आंध्र प्रदेश एडवांटेज” को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि उन्होंने उद्योग जगत के नेताओं से कहा कि आंध्र प्रदेश सिर्फ एक निवेश गंतव्य नहीं, बल्कि एक रणनीतिक लाभ है। उन्होंने राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में मौजूद ताकत को रेखांकित करते हुए कहा, “देश में आने वाले कुल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का लगभग एक-चौथाई आंध्र प्रदेश में आया है। हमारी ‘स्पीड ऑफ डूइंग बिजनेस’ नीति हमें एक प्रमुख निवेश केंद्र बनाती है। मैंने वैश्विक उद्योग जगत को दीर्घकालिक विकास के लिए हमारे साथ साझेदारी का आमंत्रण दिया।”
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत 2047 तक एक वैश्विक शक्ति बनेगा और इस परिवर्तन में आंध्र प्रदेश अग्रणी भूमिका निभाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य ने देश में आए कुल विदेशी निवेश का 25 प्रतिशत आकर्षित किया है। सत्र के दौरान हरित ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, ईंधन, डिजिटल अवसंरचना, लॉजिस्टिक्स और विनिर्माण क्षेत्रों में निवेश की व्यापक संभावनाओं पर चर्चा हुई।
चंद्रबाबू नायडू ने उद्योगपतियों को राज्य सरकार की नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में निवेश अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने ग्रीन अमोनिया परियोजनाओं, गूगल के निवेश और आंध्र प्रदेश की ब्रांड छवि पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सरकार ‘स्पेस सिटी’, बंदरगाहों, हवाई अड्डों और हाईवे कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दे रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आंध्र प्रदेश में गठबंधन सरकार निवेशकों को हर स्तर पर सहयोग प्रदान कर रही है। उन्होंने बताया कि कृषि और चिकित्सा क्षेत्रों में ड्रोन तकनीक का उपयोग किया जाएगा और वर्ष 2026 में आंध्र प्रदेश से ‘ड्रोन एंबुलेंस’ शुरू करने की भी योजना है।
उन्होंने कहा कि राज्य की 1,054 किलोमीटर लंबी तटरेखा, बंदरगाह और हवाई अड्डे उसकी बड़ी ताकत हैं। सरकार अगले 3–4 वर्षों में 50 लाख एकड़ भूमि पर प्राकृतिक खेती का लक्ष्य लेकर काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं दशकों से दावोस में होने वाले विश्व आर्थिक मंच में भाग लेता आ रहा हूं। हर बार यहां आकर उद्योगपतियों और विशेषज्ञों से नई बातें सीखने को मिलती हैं। मैं नए विचार साझा करता हूं और तकनीक सहित विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे बदलावों के आधार पर नीतियां बनाता हूं। दावोस में वैश्विक उद्योगपतियों की सोच को समझकर हम राज्य को और अधिक व्यवसाय-अनुकूल बना रहे हैं।”
--आईएएनएस
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