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नीति आयोग देश की नीति-निर्माण व्यवस्था का एक अहम स्तंभ बनकर उभरा: पीएम मोदी

नई दिल्ली, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि नीति आयोग देश की नीति-निर्माण व्यवस्था का एक अहम स्तंभ बनकर उभरा है। यह सहकारी संघवाद को बढ़ावा देने, सुधारों को आगे बढ़ाने और 'ईज ऑफ लिविंग यानी जीवन की सुगमता' को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
नीति आयोग देश की नीति-निर्माण व्यवस्था का एक अहम स्तंभ बनकर उभरा: पीएम मोदी

नई दिल्ली, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि नीति आयोग देश की नीति-निर्माण व्यवस्था का एक अहम स्तंभ बनकर उभरा है। यह सहकारी संघवाद को बढ़ावा देने, सुधारों को आगे बढ़ाने और 'ईज ऑफ लिविंग यानी जीवन की सुगमता' को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने डॉ. अशोक कुमार लाहिड़ी को उपाध्यक्ष बनने की बधाई देते हुए और अन्य पूर्णकालिक सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि यह संस्था अलग-अलग क्षेत्रों में नवाचार और लंबे समय की रणनीति बनाने के लिए एक गतिशील मंच के रूप में काम कर रही है।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, "सरकार ने नीति आयोग का पुनर्गठन किया है। अशोक कुमार लाहिड़ी को उपाध्यक्ष बनने पर मेरी शुभकामनाएं। साथ ही राजीव गौबा, प्रो. के. वी. राजू, प्रो. गोबर्धन दास, प्रो. अभय करंदीकर और डॉ. एम. श्रीनिवास को भी पूर्णकालिक सदस्य बनने पर बधाई।"

उन्होंने सभी को उनके कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे प्रभावी और परिणाम देने वाला कार्यकाल पूरा करें।

प्रधानमंत्री मोदी ने लाहिड़ी से मुलाकात भी की और उन्हें उपाध्यक्ष बनने पर बधाई दी।

उन्होंने कहा कि अर्थशास्त्र और सार्वजनिक नीति में लाहिड़ी का अनुभव भारत में सुधारों को और मजबूत करेगा और 'विकसित भारत' के लक्ष्य की दिशा में मदद करेगा।

प्रधानमंत्री ने भरोसा जताया कि उनके प्रयास देश की नीति-निर्माण प्रक्रिया को और अधिक गतिशील बनाएंगे।

अशोक कुमार लाहिड़ी, जो पश्चिम बंगाल विधानसभा में बालुरघाट का प्रतिनिधित्व करते हैं, अर्थशास्त्र के क्षेत्र में लंबा अनुभव रखते हैं।

वे भारत सरकार के 12वें मुख्य आर्थिक सलाहकार रह चुके हैं और दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स, एशियाई विकास बैंक, बंधन बैंक और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक फाइनेंस एंड पॉलिसी जैसे संस्थानों में काम कर चुके हैं।

इसके अलावा, उन्हें विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के साथ काम करने का भी अनुभव है।

कोलकाता के प्रेसीडेंसी यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र लाहिड़ी को उनके शैक्षणिक और नीति संबंधी योगदान के लिए काफी सम्मान दिया जाता है।

--आईएएनएस

डीबीपी

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