Samachar Nama
×

देश भर में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर परियोजनाओं के लिए ऑरिक स्मार्ट सिटी बना मॉडल, एनआईसीडीसी ने शुरू किया क्रॉस-लर्निंग प्रोग्राम

देश भर में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर परियोजनाओं के लिए ऑरिक स्मार्ट सिटी बना मॉडल, एनआईसीडीसी ने शुरू किया क्रॉस-लर्निंग प्रोग्राम
देश भर में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर परियोजनाओं के लिए ऑरिक स्मार्ट सिटी बना मॉडल, एनआईसीडीसी ने शुरू किया क्रॉस-लर्निंग प्रोग्राम

नई दिल्ली, 23 जुलाई (आईएएनएस)। नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एनआईसीडीसी) ने महाराष्ट्र इंडस्ट्रियल टाउनशिप लिमिटेड (एमआईटीएल) के सहयोग से गुरुवार को महाराष्ट्र के शेंद्रा-बिडकिन इंडस्ट्रियल एरिया (एयूआरआईसी यानी ऑरिक स्मार्ट सिटी) में दो दिवसीय क्रॉस-लर्निंग साइट विजिट कार्यक्रम की शुरुआत की। इस पहल का उद्देश्य देश भर में विकसित किए जा रहे ग्रीनफील्ड इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स के लिए ज्ञान साझा करना, संस्थागत क्षमताओं को मजबूत करना और सफल कार्यप्रणालियों को अपनाने को बढ़ावा देना है।

इस कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी, स्पेशल पर्पज व्हीकल (एसपीवी), प्रोग्राम मैनेजर फॉर न्यू सिटीज (पीएमएनसी), ईपीसी कॉन्ट्रैक्टर्स और अन्य संबंधित पक्ष शामिल हुए। सभी प्रतिभागियों ने ग्रीनफील्ड इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी की योजना, निर्माण और संचालन से जुड़े अनुभवों और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को साझा किया।

प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए एनआईसीडीसी के सीईओ और एमडी रजत कुमार सैनी ने कहा कि एयूआरआईसी, नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट प्रोग्राम (एनआईसीडीपी) के तहत विकसित एकीकृत इंडस्ट्रियल सिटी का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना दिखाती है कि विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेशक-केंद्रित योजना, टेक्नोलॉजी-आधारित गवर्नेंस और मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी के जरिए वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम तैयार किया जा सकता है।

रजत कुमार सैनी ने यह भी कहा कि स्पेशल पर्पज व्हीकल्स (एसपीवी) को बेहतर योजना बनाने की अधिक स्वतंत्रता दी जानी चाहिए, ताकि भूमि का प्रभावी उपयोग, इंफ्रास्ट्रक्चर का बेहतर अनुकूलन और भविष्य में विस्तार को आसान बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि इस तरह के क्रॉस-लर्निंग कार्यक्रम इंडस्ट्रियल कॉरिडोर परियोजनाओं में सफल मॉडल को दोहराने में अहम भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम के पहले दिन प्रतिभागियों को एयूआरआईसी की प्लानिंग फ्रेमवर्क और एकीकृत इंफ्रास्ट्रक्चर की जानकारी दी गई। इसके तहत शेंद्रा-बिडकिन इंडस्ट्रियल एरिया के विकास, डिजिटल प्लानिंग एवं मॉनिटरिंग सिस्टम, संचालित इंडस्ट्रियल यूनिट्स, यूटिलिटी इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स और औद्योगिक विकास सुविधाओं का भी दौरा कराया गया।

कार्यक्रम के दौरान एकीकृत मास्टर प्लानिंग, प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन, भूमि उपयोग, निवेशक सुविधा, डिजिटल गवर्नेंस और प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। प्रतिभागियों ने विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर परियोजनाओं में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को तेज करने के अनुभव भी साझा किए।

इस दौरान भारत औद्योगिक विकास योजना (भव्य) के इम्प्लीमेंटेशन फ्रेमवर्क पर भी विचार-विमर्श किया गया। यह एनआईसीडीसी की प्रमुख पहल है, जिसके तहत देश भर में विश्वस्तरीय प्लग-एंड-प्ले इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किए जा रहे हैं। प्रतिभागियों ने चर्चा की कि एयूआरआईसी के एकीकृत प्लानिंग, डिजिटल गवर्नेंस, यूटिलिटी इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेशक सुविधा से जुड़े अनुभवों का उपयोग भव्य योजना के तहत विकसित की जा रही परियोजनाओं में कैसे किया जा सकता है।

--आईएएनएस

डीबीपी

Share this story

Tags