मालदा हिंसा मामले में एनआईए ने कांग्रेस के दो नेताओं समेत तीन को किया गिरफ्तार
कोलकाता, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मालदा के मोथाबाड़ी मामले में अब तक कुल तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आईएसएफ नेता के बाद अब जांच एजेंसी ने दो कांग्रेस नेताओं को भी गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान शहदात हुसैन और आसिफ शेख के रूप में हुई है।
एनआईए अधिकारियों के अनुसार, मालदा के दो कांग्रेस नेताओं को रविवार को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। पूछताछ के दौरान उनके बयानों में विरोधाभास पाया गया, जिसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। इससे पहले गोलाम रब्बानी नामक एक व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया था।
मालदा विधानसभा सीट के कांग्रेस उम्मीदवार सायम चौधरी से भी एनआईए अधिकारियों ने काफी देर तक पूछताछ की थी। हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कोलकाता की सीबीआई विशेष अदालत में कुल 12 एफआईआर दर्ज की हैं। ये मामले मालदा जिले के मोथाबाड़ी में विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान न्यायिक अधिकारियों को रोके जाने से जुड़े हैं।
एनआईए अधिकारियों के अनुसार, ये मामले भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किए गए हैं, जिनमें हत्या का प्रयास, अवैध रूप से रोकना, गैरकानूनी सभा, सरकारी कर्मचारियों पर हमला, सरकारी काम में बाधा डालना, आदेशों की अवहेलना, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना, आपराधिक धमकी और राष्ट्रीय राजमार्ग को लंबे समय तक अवरुद्ध करना शामिल है।
वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने के विरोध में मालदा के मोथाबाड़ी, सुजापुर और कालियाचक सहित कई क्षेत्रों में समय-समय पर तनाव की स्थिति बनी रही। 3 अप्रैल को आक्रोशित भीड़ ने कालियाचक-2 ब्लॉक कार्यालय में एसआईआर का कार्य कर रहे सात अधिकारियों को रात तक रोके रखा, जिसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य पुलिस प्रशासन की भूमिका पर असंतोष जताते हुए कहा कि इस मामले की जांच सीबीआई या एनआईए से कराई जानी चाहिए। बाद में चुनाव आयोग ने भी जांच एनआईए को सौंप दी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में अपने चुनाव प्रचार के दौरान इस मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए राज्य में तृणमूल कांग्रेस पर आतंक का माहौल बनाने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि टीएमसी लोगों को एसआईआर प्रक्रिया के बारे में गुमराह कर रही है और बंगाल में घुसपैठियों के लिए कोई जगह नहीं है।
--आईएएनएस
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