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कर्नाटक के प्रवीण नेट्टारू हत्याकांड में एनआईए ने दो फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया

कर्नाटक के प्रवीण नेट्टारू हत्याकांड में एनआईए ने दो फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया
कर्नाटक के प्रवीण नेट्टारू हत्याकांड में एनआईए ने दो फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया

नई दिल्ली, 12 जुलाई (आईएएनएस)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने रविवार को कर्नाटक में प्रतिबंधित पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के कार्यकर्ताओं द्वारा 2022 में स्थानीय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता प्रवीण नेट्टारू की टारगेट किलिंग के सिलसिले में दो प्रमुख फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

एनआईए ने बताया कि आंध्र प्रदेश पुलिस से मिली विश्वसनीय सूचना के आधार पर दोनों राज्यों में चलाए गए एक सुनियोजित अभियान में अब्दुल नासिर और नौशाद को क्रमशः कोच्चि (केरल) और होसुर (तमिलनाडु) से शनिवार को गिरफ्तार किया गया।

एनआईए ने बताया कि इन दो गिरफ्तारियों के साथ इस मामले में हिरासत में लिए गए आरोपियों की कुल संख्या 24 हो गई है, जबकि तीन आरोपी अभी भी फरार हैं।

एनआईए ने प्रवीण नेट्टारू हत्याकांड में अब्दुल नासिर और नौशाद के खिलाफ आईपीसी और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप पत्र दाखिल किया था। इन दोनों पर कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले में भाजपा युवा मोर्चा के जिला कार्यकारी समिति सदस्य प्रवीण नेट्टारू की हत्या करने वाले मुख्य हमलावरों को जानबूझकर और स्वेच्छा से पनाह देने का आरोप है।

बेंगलुरु स्थित एनआईए विशेष न्यायालय ने आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (एलओसी) और गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।

इसके अलावा, एनआईए ने उनके ठिकाने के बारे में किसी भी जानकारी के लिए 4 लाख रुपए प्रति व्यक्ति का इनाम घोषित किया था।

एनआईए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जांच एजेंसी शेष फरार आरोपियों को पकड़ने के प्रयास जारी रखे हुए है।

इसी सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र के भाजपा कार्यकर्ता नेट्टारू की 26 जुलाई, 2022 को 'हिजाब' विवाद के चरम पर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी।

यह घटना दक्षिण कन्नड़ जिले के सुलिया के पास बेल्लारे में घटी।

नेट्टारू की हत्या के बाद राज्य भर में प्रतिशोध की कई घटनाएं हुईं और चाकूबाजी की घटनाएं भी हुईं।

जांच में पता चला कि यह हत्या प्रतिबंधित पीएफआई से जुड़े गुप्त 'हत्यारे गिरोहों' द्वारा सुनियोजित तरीके से की गई थी।

इसका उद्देश्य सांप्रदायिक आतंक फैलाना, अशांति भड़काना और विशिष्ट समूहों से संबंधित व्यक्तियों को निशाना बनाना था।

--आईएएनएस

एमएस/

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