एनएफआर ने रेल सुरक्षा और विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए बुनियादी ढांचों को अपग्रेड करने में तेजी लाई
गुवाहाटी, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) लगातार निगरानी और व्यवस्थित बुनियादी ढांचा अपग्रेड के माध्यम से ट्रेन संचालन की सुरक्षा और विश्वसनीयता बढ़ाने के प्रयासों को तेज कर रहा है।
एनएफआर के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ), कपिंजल किशोर शर्मा ने कहा कि पूरे जोन में ट्रेनों की सुरक्षित और कुशल आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक, तकनीकी रूप से एडवांस सिस्टम को अपनाना एक प्रमुख फोकस क्षेत्र बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि मार्च 2026 के दौरान, एनएफआर ने सिग्नलिंग और सुरक्षा के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण पहल की हैं।
अधिकारियों के अनुसार, जोन के कटिहार, अलीपुरद्वार, रंगिया और लुमडिंग मंडलों के पांच स्टेशनों पर क्लैंप-प्रकार की लॉकिंग वाली 'थिक वेब स्विच पॉइंट मशीनें' लगाई गई हैं।
सीपीआरओ ने बताया कि कटिहार (बिहार), अलीपुरद्वार (पश्चिम बंगाल) और तिनसुकिया (असम) मंडलों के सात स्टेशनों पर 'सिस्टम इंटीग्रिटी टेस्टिंग' की गई है, जबकि सभी मंडलों में 32 लेवल क्रॉसिंग गेटों को कवर करते हुए एक व्यापक 'सिस्टम इंटीग्रिटी टेस्टिंग' अभियान भी पूरा किया गया है।
इसके अतिरिक्त, परिचालन सुरक्षा को बढ़ाने के लिए लुमडिंग और रंगिया मंडलों में कई लेवल क्रॉसिंग गेटों को इंटरलॉक किया गया है।
सिग्नलिंग बुनियादी ढांचे को और मजबूत करते हुए, कटिहार, लुमडिंग और रंगिया मंडलों में विभिन्न लेवल क्रॉसिंग गेटों पर 10 'स्लाइडिंग बूम' चालू किए गए हैं।
शर्मा ने कहा कि तिनसुकिया मंडल के दो स्टेशनों पर स्वचालित 'अग्नि पहचान और अलार्म प्रणाली' चालू की गई है, जिसमें दो स्थानों पर एडवांस 'एस्पिरेशन-प्रकार' के सिस्टम में अपग्रेड करना भी शामिल है।
तिनसुकिया मंडल के दो लेवल क्रॉसिंग गेटों पर पुरानी यांत्रिक प्रणालियों को हटाकर 'इलेक्ट्रिक लिफ्टिंग बैरियर' भी लगाए गए हैं, जिससे रेल-सड़क चौराहों पर सुरक्षा में सुधार हुआ है।
विश्वसनीयता और उचित इन्सुलेशन प्रदर्शन सुनिश्चित करने के लिए 11 स्टेशनों और 12 लेवल क्रॉसिंग गेटों पर 'सिग्नलिंग केबल मेगरिंग' की गई है।
सुरक्षा उपकरणों की विश्वसनीयता में सुधार के लिए, सभी मंडलों में विभिन्न क्षमताओं वाली 1,258 सिग्नलिंग बैटरियों को बदला गया है।
पूरे जोन में 246 'ग्लूएड जॉइंट' और 92 'एकीकृत-प्रकार' के सिग्नल एलईडी को बदलने का काम भी किया गया है।
इसके अलावा, प्रणाली की सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ाने के लिए अलीपुरद्वार मंडल के गौरीपुर स्टेशन पर बेहतर 'अर्थिंग' व्यवस्था प्रदान की गई है।
बुनियादी ढांचे में किए गए ये अपग्रेड ट्रेनों के सुरक्षित परिचालन को सुनिश्चित करने, विश्वसनीयता में सुधार करने और समग्र रेलवे क्षमता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सीपीआरओ ने कहा कि एनएफआर अपने बुनियादी ढांचे की निरंतर निगरानी और उसे मजबूत करके अपने यात्रियों को एक सुरक्षित, अधिक कुशल और समय पर यात्रा का अनुभव प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर), जिसका मुख्यालय गुवाहाटी के पास मालीगांव में है, पूर्वोत्तर राज्यों के साथ-साथ पश्चिम बंगाल के सात जिलों और उत्तरी बिहार के पांच जिलों में भी संचालित होता है।
--आईएएनएस
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