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मिस्र के लक्सर में मिला न्यू किंगडम काल का मकबरा

मिस्र के लक्सर में मिला न्यू किंगडम काल का मकबरा
मिस्र के लक्सर में मिला न्यू किंगडम काल का मकबरा

काहिरा, 13 जुलाई (आईएएनएस)। मिस्र के टुरिज्म एंड एंटीक्विटीज (पर्यटन एवं पुरावशेष) मंत्रालय ने लक्सर के पश्चिमी तट पर चल रही पुरातात्विक खुदाई के दौरान एक प्राचीन मकबरे को खोज निकालने की घोषणा की है। प्रारंभिक जांच के आधार पर विशेषज्ञों का मानना है कि यह मकबरा मिस्र के न्यू किंगडम काल का है और इसका संबंध फराओ युग से है।

स्थानीय समयानुसार रविवार को मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, यह खोज थीबन नेक्रोपोलिस में कार्यरत एक डच पुरातात्विक अभियान दल ने की है।

मिस्र की सर्वोच्च पुरातत्व परिषद (एससीए) के महासचिव हिशाम एल-लेइथी ने बताया कि शिलालेखों से मकबरे के मालिक की पहचान "पासेर" के रूप में हुई है। दीवारों पर बनी आकृतियों और शिल्पकला के आधार पर प्रारंभिक अनुमान है कि यह मकबरा न्यू किंगडम काल (1550 ईसा पूर्व से 1069 ईसा पूर्व) का है। यह जानकारी सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट में दी गई है।

एल-लेइथी ने कहा कि पुरातात्विक दल इस स्थल पर दफन व्यक्तियों की पहचान और उनके इतिहास के पुनर्निर्माण के लिए विस्तृत दस्तावेजीकरण और वैज्ञानिक अध्ययन करेगा, ताकि इस मकबरे को उसके व्यापक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संदर्भ में समझा जा सके।

एससीए के मिस्र पुरावशेष विभाग के प्रमुख मोहम्मद अब्देल-बादी ने बताया कि मकबरे की संरचना में एक बाहरी प्रांगण, उल्टे ‘टी’ आकार का चट्टान काटकर बनाया गया प्रार्थना कक्ष तथा कई भूमिगत दफन कक्ष शामिल हैं। यह न्यू किंगडम काल के निजी मकबरों की पारंपरिक शैली के अनुरूप है।

अब्देल-बादी ने कहा कि बाहरी प्रांगण अच्छी स्थिति में सुरक्षित है। इसमें मिट्टी की ईंटों से बना एक मस्तबा (समाधि मंच) है, जिसके बीच में अंतिम संस्कार संबंधी शिलापट्ट स्थापित करने के लिए एक आला बना हुआ है। साथ ही सीढ़ियां और उनके दोनों ओर बने रैंप मकबरे के मुख्य प्रवेश द्वार तक पहुंचते हैं।

दीवारें सजी हुई हैं और इन पर पासेर नाम लिखा हुआ है। फिलहाल ये धूल-गाद आदि की पतली परत से आंशिक रूप से ढके हुए हैं। हालांकि, जिन हिस्सों की खुदाई की जा चुकी है, उनमें अत्यंत सुंदर और रंगीन चित्र दिखाई देते हैं। इन चित्रों में मृतक को देवताओं के मंदिरों में श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए तथा अपनी पत्नी के साथ पारंपरिक भेंट-पूजा की मेज के सामने खड़े हुए दर्शाया गया है।

इससे पहले अप्रैल में मिस्र के पर्यटन एवं पुरावशेष मंत्रालय ने घोषणा की थी कि एक स्पेनिश पुरातात्विक अभियान दल ने मध्य मिस्र के मिन्या प्रांत में 30 ईसा पूर्व से 395 ईस्वी के बीच का एक दुर्लभ मकबरा खोजा था।

मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि यह खोज रोमन और यूनानी काल की अंतिम संस्कार संबंधी परंपराओं को समझने में महत्वपूर्ण मदद करेगी।

इस स्थल से अभियान दल ने रोमन काल की कई ममी भी बरामद कीं। इनमें कुछ ज्यामितीय डिजाइनों वाली पट्टियों में लिपटी हुई थीं। इसके अलावा लकड़ी के ताबूत, सोने से बनी तीन कृत्रिम जीभें, तांबे की एक कृत्रिम जीभ तथा कुछ ममियों पर सोने की परत या सोने के कणों के उपयोग के प्रमाण भी मिले।

सुप्रीम काउंसिल ऑफ एंटीक्विटीज के महासचिव हिशाम एल-लेइथी ने कहा कि यह खोज रोमन और यूनानी काल के दौरान इस क्षेत्र की अंतिम संस्कार संबंधी परंपराओं के बारे में नई और महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करती है।

--आईएएनएस

केआर/

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