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एचसीएल और फॉक्सकॉन का नया प्लांट भारत की वैश्विक चिप बाजार में उपस्थिति को बढ़ाएगा: पीएम नरेंद्र मोदी

नई दिल्ली, 21 फरवरी (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि उत्तर प्रदेश में एचसीएल-फॉक्सकॉन सेमीकंडक्टर प्लांट की स्थापना तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है और यह वैश्विक चिप इकोसिस्टम में भारत की उपस्थिति को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएगा।
एचसीएल और फॉक्सकॉन का नया प्लांट भारत की वैश्विक चिप बाजार में उपस्थिति को बढ़ाएगा: पीएम नरेंद्र मोदी

नई दिल्ली, 21 फरवरी (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि उत्तर प्रदेश में एचसीएल-फॉक्सकॉन सेमीकंडक्टर प्लांट की स्थापना तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है और यह वैश्विक चिप इकोसिस्टम में भारत की उपस्थिति को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएगा।

प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश के यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) परिसर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एचसीएल-फॉक्सकॉन के ज्वाइंट वेंचर प्रोजेक्ट, इंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड का उद्घाटन किया।

यह नया आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट (ओएसएटी) प्लांट है, जिसे 3,700 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश से स्थापित किया जा रहा है।

इस अवसर पर बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश भारत के बढ़ते सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम में एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया, “देश चिप उत्पादन में आत्मनिर्भरता की ओर निरंतर अग्रसर है, जो इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और डिजिटल प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।”

ओएसएटी प्लांट में मोबाइल फोन, लैपटॉप, ऑटोमोबाइल और अन्य उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स में उपयोग होने वाले डिस्प्ले ड्राइवर चिप्स का निर्माण किया जाएगा।

एक बार चालू होने के बाद, प्लांट से प्रति माह लगभग 20,000 वेफर्स प्रोसेस होने की उम्मीद है। इससे चिप आयात पर भारत की निर्भरता कम होगी और घरेलू आपूर्ति श्रृंखला मजबूत होगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली में हाल ही में संपन्न हुए इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट का भी जिक्र किया, जहां वैश्विक नेताओं ने भारत के तकनीकी दृष्टिकोण की सराहना की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि 2026 की शुरुआत तेज गति से हुई है और उन्होंने मौजूदा सप्ताह को देश की तकनीकी यात्रा के लिए ऐतिहासिक बताया।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नए संयंत्र से इंजीनियरों, तकनीशियनों और कुशल श्रमिकों के लिए हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे।

उन्होंने आगे कहा, “इससे क्षेत्र में सहायक उद्योगों, स्टार्टअप्स और चिप डिजाइन हब को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। जेवर हवाई अड्डे के निकट स्थित यह प्लांट लॉजिस्टिक्स को बेहतर बनाएगा और वैश्विक कनेक्टिविटी को तेज करने में सहायक होगा।”

--आईएएनएस

एबीएस/

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