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नेपाल बाढ़ में मरने वालों की संख्या हुई 95, सुरक्षाकर्मी और सैकड़ों पर्यटक अब भी लापता

नेपाल बाढ़ में मरने वालों की संख्या हुई 95, सुरक्षाकर्मी और सैकड़ों पर्यटक अब भी लापता
नेपाल बाढ़ में मरने वालों की संख्या हुई 95, सुरक्षाकर्मी और सैकड़ों पर्यटक अब भी लापता

काठमांडू, 26 अगस्त (आईएएनएस)। नेपाल की भोटेकोशी नदी में आई भीषण फ्लैश फ्लड में मरने वालों की संख्या बुधवार शाम तक बढ़कर 95 हो गई। नेपाल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने यह जानकारी देते हुए कहा कि इस आपदा से पूरे देश में भारी जनहानि और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है।

शाम 7 बजे तक बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से 95 लोगों के शव बरामद किए जा चुके थे। हालांकि, अधिकारियों ने बताया कि मृतकों की पहचान की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है।

चीन के तिब्बती क्षेत्र से निकली इस भीषण बाढ़ ने सीमा पार बहने वाली भोटेकोशी नदी के रास्ते नेपाल में भारी तबाही मचाई है।

नेपाल सरकार के अनुसार, आपदा प्रभावित क्षेत्रों में तैनात नेपाल सेना के 44 जवान, पुलिस के 28 कर्मी और सशस्त्र पुलिस बल के 13 जवान अब भी लापता हैं और उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है।

इसके अलावा 391 विदेशी पर्यटक और 93 नेपाली पर्यटक भी अब तक लापता बताए जा रहे हैं।

सरकार ने यह भी बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में संचालित विभिन्न जलविद्युत परियोजनाओं में कार्यरत 60 कर्मचारी भी संपर्क से बाहर हैं। वहीं, रसुवागढ़ी कस्टम कार्यालय और इमिग्रेशन कार्यालय के कुछ कर्मचारी भी लापता लोगों में शामिल हैं।

बुधवार सुबह आई इस विनाशकारी बाढ़ से परिवहन ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचा है। सरकार के मुताबिक, अब तक 19 मोटर योग्य पुल और करीब 40 किलोमीटर पक्की सड़कें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं।

अधिकारियों द्वारा अभी भी जनहानि और संपत्ति के नुकसान का पूरा आकलन किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि बाढ़ आने के तुरंत बाद सरकार ने सुरक्षा एजेंसियों और संबंधित विभागों को खोज, बचाव और राहत कार्यों के लिए सक्रिय कर दिया था।

सुबह करीब 9 बजे प्रशासन ने नदी किनारे के इलाकों में हाई अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और नदी के पास न जाने की अपील की थी।

प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, नेपाल-चीन सीमा क्षेत्र, खासकर रसुवा जिला, इस आपदा से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। यहां कई सरकारी कार्यालयों, सुरक्षा प्रतिष्ठानों, जलविद्युत परियोजनाओं और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों को गंभीर नुकसान पहुंचा है।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी

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