नीमराणा होटल फायरिंग मामला: आतंकवादी अर्श डल्ला से जुड़े दो हमलावरों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल
नई दिल्ली, 4 जनवरी (आईएएनएस)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने नीमराणा होटल गोलीबारी मामले में आतंकवादी अर्श डल्ला से जुड़े दो हमलावरों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया।
गिरफ्तार आरोपी पुनीत और नरिंदर लल्ली के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, आर्म्स एक्ट और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत कई अपराधों के लिए चार्जशीट दायर की गई।
जांच एजेंसी ने एक बयान में कहा, "पंजाब के शूटरों ने नीमराणा के हाईवे किंग होटल के मालिकों को धमकी देने और उनसे जबरन वसूली मांगने में शामिल थे।" खास बात यह है कि कनाडा में रहने वाला खालिस्तानी आतंकवादी अर्श डल्ला भारत में कई हिंसक अपराधों और आतंकवाद से जुड़ी गतिविधियों में कथित संलिप्तता के लिए वांछित है।
होटल पर हमला सितंबर 2024 में खालिस्तान टाइगर फोर्स (केटीएफ) के आतंकवादी-गैंगस्टर सिंडिकेट द्वारा किया गया था, जिसका नेतृत्व खालिस्तानी आतंकवादी अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श डल्ला और बंबिया गिरोह कर रहे थे।
गिरोह के सदस्य दिनेश गांधी और सौरभ कटारिया को हमले के मुख्य साजिशकर्ता के रूप में पहचाना गया, जिसे अंततः पुनीत और नरिंदर नामक दो अन्य व्यक्तियों द्वारा अंजाम दिया गया।
जांच के दौरान, एनआईए के अधिकारियों ने हमले में प्रतिबंधित हथियारों का इस्तेमाल करने और गिरोह की ओर से धमकियां देने में पुनीत और नरिंदर की भूमिका का खुलासा किया। यह भी पता चला कि दोनों को सिंडिकेट से लगातार धन, आश्रय और हथियार मिल रहे थे।
8 सितंबर, 2024 को राजस्थान के नीमराना में होटल हाईवे किंग के आसपास 30 से अधिक गोलियां चलाई गईं और ऐसा प्रतीत होता है कि इसका उद्देश्य निवासियों और पर्यटकों को आतंकित करना और धमकाना था।
कुछ महीनों बाद जब यह मामला एनआईए को सौंपा गया। एजेंसी ने आरोपियों और संदिग्धों के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और आपत्तिजनक सामग्री जब्त की।
एजेंसी के अनुसार, अर्श डल्ला के सहयोगी और साथी प्रतिबंधित खालिस्तानी संगठनों के लिए धन जुटाने के उद्देश्य से हिंसक कृत्यों के माध्यम से इस तरह की जबरन वसूली की कोशिशों में लगे हुए हैं।
--आईएएनएस
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