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उत्तर प्रदेश: युवती को गोली मारने के मामले में एनसीडब्ल्यू सख्त, डीजीपी से मांगी रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश: युवती को गोली मारने के मामले में एनसीडब्ल्यू सख्त, डीजीपी से मांगी रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश: युवती को गोली मारने के मामले में एनसीडब्ल्यू सख्त, डीजीपी से मांगी रिपोर्ट

नई दिल्ली, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने उत्तर प्रदेश में एक मुस्लिम किशोरी को उसके पिता द्वारा कथित तौर पर गोली मारे जाने की घटना पर संज्ञान लिया है। आयोग ने राज्य पुलिस को इस मामले की समयबद्ध जांच करने और रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।

एनसीडब्ल्यू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर लिखा, "किसी भी महिला की जीवनसाथी चुनने की स्वतंत्रता को हिंसा के जरिए दबाने का किसी को अधिकार नहीं है। सम्मान के नाम पर होने वाली हिंसा और महिलाओं को डराकर चुप कराने की कोशिशें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। महिला के जीवन, गरिमा और अपनी पसंद के अधिकार की हर हाल में रक्षा होनी चाहिए।"

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, शाजिया नाम की 19 वर्षीय युवती को उसके पिता आसिन खान ने उस समय सिर में गोली मार दी, जब वह मैनपुरी स्थित अपने घर में सो रही थी।

एनसीडब्ल्यू ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार और पुलिस से सात दिनों के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी है।

बताया गया है कि युवती ने परिवार की ओर से तय की जा रही शादी का विरोध किया था और अपनी पसंद से जीवनसाथी चुनने का अधिकार जताया था। फिलहाल, उसका इलाज सैफई मेडिकल कॉलेज में चल रहा है और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

एनसीडब्ल्यू की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को पत्र लिखकर मामले की तेजी से और तय समय सीमा में जांच कराने, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई करने तथा सभी बैलिस्टिक और फोरेंसिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की मांग की है।

आयोग ने यह भी कहा कि पीड़िता को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही पीड़िता और उसकी मां को सुरक्षा, कानूनी सहायता और उचित मुआवजा दिया जाए तथा मामले का शीघ्र अभियोजन सुनिश्चित किया जाए।

इससे पहले भी विजया रहाटकर ने एक्स पर एक संदेश में महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा, न्याय और सशक्तिकरण के प्रति आयोग की प्रतिबद्धता दोहराई थी।

उन्होंने कहा कि आयोग का लक्ष्य उन महिलाओं तक पहुंच बढ़ाना है, जिन्हें न्याय पाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

रहाटकर ने लिखा, "महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा, न्याय और सशक्तिकरण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता अटल रहेगी। महिला सशक्तिकरण के इसी संकल्प के साथ हम सभी मिलकर आगे बढ़ते रहेंगे।"

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी

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