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तेलंगाना: मेदाराम जतारा के दौरान नाबालिग से कथित यौन उत्पीड़न मामले की जांच के लिए एनसीडब्ल्यू ने बनाई समिति

हैदराबाद, 4 फरवरी (आईएएनएस)। राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने तेलंगाना के मुलुगु जिले के मेदाराम में आयोजित सम्मक्का-सरलम्मा जतारा के दौरान 13 वर्षीय नाबालिग लड़की से कथित यौन उत्पीड़न के मामले की जांच के लिए एक जांच समिति का गठन किया है।
तेलंगाना: मेदाराम जतारा के दौरान नाबालिग से कथित यौन उत्पीड़न मामले की जांच के लिए एनसीडब्ल्यू ने बनाई समिति

हैदराबाद, 4 फरवरी (आईएएनएस)। राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने तेलंगाना के मुलुगु जिले के मेदाराम में आयोजित सम्मक्का-सरलम्मा जतारा के दौरान 13 वर्षीय नाबालिग लड़की से कथित यौन उत्पीड़न के मामले की जांच के लिए एक जांच समिति का गठन किया है।

आयोग ने मीडिया और सोशल मीडिया में प्रसारित खबरों का संज्ञान लेते हुए यह कदम उठाया है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि यह मामला सामूहिक दुष्कर्म का है, जिसे कथित तौर पर छत्तीसगढ़ के पांच युवकों ने अंजाम दिया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एनसीडब्ल्यू की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने जांच समिति के गठन का आदेश दिया। यह समिति एनसीडब्ल्यू की सदस्य डेलिना खोंगडुप की अध्यक्षता में काम करेगी, जबकि कंचन खट्टर, सीनियर कोऑर्डिनेटर, एनसीडब्ल्यू, समिति की सदस्य होंगी।

जांच की कार्यवाही 5 फरवरी से शुरू होगी। समिति को मुलुगु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) द्वारा नामित एक अधिवक्ता का सहयोग भी मिल सकता है।

एनसीडब्ल्यू के अनुसार, समिति को कथित घटना के कारणों की जांच करने, संबंधित अधिकारियों द्वारा की गई कार्रवाई का आकलन करने, तथ्यों का पता लगाने के लिए संबंधित अधिकारियों और व्यक्तियों से बातचीत करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुधारात्मक उपाय सुझाने का दायित्व सौंपा गया है। समिति अपनी सिफारिशें आयोग को सौंपेगी, ताकि आगे उचित कार्रवाई की जा सके।

आयोग ने कहा कि वह महिलाओं और नाबालिग लड़कियों के अधिकारों, सम्मान और सुरक्षा की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर इस मामले पर कड़ी नजर रखेगा।

गौरतलब है कि 28 से 31 जनवरी तक मेदाराम में आयोजित सम्मक्का-सरलम्मा जतारा में हजारों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया था। यह द्विवार्षिक आयोजन एशिया का सबसे बड़ा आदिवासी मेला माना जाता है, जिसमें तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों से श्रद्धालु पहुंचे थे।

तेलंगाना सरकार ने इस आयोजन के लिए व्यापक इंतजाम किए थे और अधिकारियों ने दावा किया था कि कार्यक्रम शांतिपूर्ण रहा तथा किसी भी तरह की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली थी।

--आईएएनएस

डीएससी

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