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महाराष्ट्र: एनसीपी (एसपी) ने 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' प्रोसेस में सुधार के लिए सीईओ से अपील की

महाराष्ट्र: एनसीपी (एसपी) ने 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' प्रोसेस में सुधार के लिए सीईओ से अपील की
महाराष्ट्र: एनसीपी (एसपी) ने 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' प्रोसेस में सुधार के लिए सीईओ से अपील की

मुंबई, 17 अगस्त (आईएएनएस)। विधायक रोहित पवार और राज्य इकाई के प्रमुख शशिकांत शिंदे के नेतृत्व में नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) एस. चोकलिंगम को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें राज्य भर में वोटर लिस्ट के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (एसआईआर) में जरूरी सुधार करने की अपील की गई।

प्रतिनिधिमंडल ने कामकाज, तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर कई कमियों की ओर इशारा किया, जिनमें अधूरे पते, फिजिकल वेरिफिकेशन में दिक्कतें, डेटा मैपिंग की गलतियां, एक ही नाम का कई बार दर्ज होना, परिवार की गलत मैपिंग और गलत पते असाइन करना शामिल है।

पवार ने पत्रकारों को बताया कि कुछ मुद्दों पर तो संतोषजनक जवाब मिला, लेकिन कई मामले केंद्रीय चुनाव आयोग से जुड़े थे।

उन्होंने कहा कि बूथ लेवल ऑफिसर्स (बीएलओ) पर बहुत ज्यादा दबाव के कारण गलतियां हो रही हैं। उन्होंने बताया कि अब तक वोटर लिस्ट से 1.08 करोड़ लोगों के नाम हटाए जा चुके हैं, इस मामले पर भी चर्चा हुई।

एनसीपी (एसपी) ने मांग की कि बीएलओ घर-घर जाकर सख्ती से वेरिफिकेशन करें और शॉर्टकट वाले 'टेबल सर्वे' से बचें। किसी वोटर को 'शिफ्टेड' (दूसरी जगह जाने वाला), 'परमानेंटली शिफ्टेड' (हमेशा के लिए दूसरी जगह जाने वाला) या 'अनट्रेसेबल' (पता न चलने वाला) घोषित करने से पहले, अधिकारियों को कम से कम दो बार उनके घर जाना चाहिए और फोन/एसएमएस के जरिए संपर्क करने की अनिवार्य कोशिश करनी चाहिए।

पार्टी ने हर वेरिफिकेशन विजिट के लिए अनिवार्य जीपीएस/जियो-टैगिंग, टाइमस्टैम्प और फोटोग्राफिक सबूत, बूथ लेवल एजेंट (बीएलए-2) के दखल पर सख्त सीमा और बीएलओ के लॉगिन, डिवाइस, आईपी एड्रेस और एसआईआर ऐप के इस्तेमाल के रेगुलर डिजिटल ऑडिट का प्रस्ताव रखा। रियल-टाइम में नाम जोड़ने, हटाने और सुधारने की जानकारी जिलेवार ओपन डैशबोर्ड पर पब्लिश की जानी चाहिए, और वोटर का नाम हटाने के प्रस्तावित लिस्ट को अपील और सुनवाई के लिए तीन महीने के भीतर सार्वजनिक किया जाना चाहिए।

इसके अलावा, डेलिगेशन ने डुप्लिकेट एंट्री को कम करने के लिए ओटीपी-बेस्ड वेरिफिकेशन, एआई टूल, फेशियल रिकग्निशन, फजी मैचिंग एल्गोरिदम और नेशनल डेटा इंटीग्रेशन मॉडल के साथ इंटीग्रेशन को अपनाने पर जोर दिया। इसने जिला-स्तरीय मॉनिटरिंग कमिटी, गलत मैपिंग मामलों के लिए स्पेशल रिव्यू मैकेनिज्म, बीएलओ के लिए एसओपी ट्रेनिंग और अतिरिक्त स्टाफ की नियुक्ति की भी मांग की।

इस ज्ञापन में लापरवाही, वेरिफिकेशन न करने या गलत एंट्री करने के दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक और अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की गई।

पवार ने जोर देकर कहा कि इस प्रस्तुति का मकसद चुनावी व्यवस्था में सटीकता और जनता का भरोसा बढ़ाने के लिए रचनात्मक सुझाव देना था, न कि अविश्वास पैदा करना।

--आईएएनएस

एमएस/

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