हरियाणा के मुख्यमंत्री ने जिंदल इंस्टीट्यूट ऑफ हरियाणा स्टडीज द्वारा तैयार पहली जिला मानव विकास रिपोर्ट जारी की
सोनीपत, 10 जनवरी (आईएएनएस)। हरियाणा में साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य की पहली जिला मानव विकास रिपोर्ट (एचडीआर) जारी की। यह रिपोर्ट सोनीपत मानव विकास रिपोर्ट 2026 के नाम से प्रकाशित की गई है।
यह रिपोर्ट ओ.पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी के अंतर्गत जिंदल इंस्टीट्यूट ऑफ हरियाणा स्टडीज़ (जेआईएचएस) द्वारा तैयार की गई है। यह पहल हरियाणा में जिला-स्तरीय विकास योजना को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस अवसर पर जिंदल इंस्टीट्यूट ऑफ हरियाणा स्टडीज़ के प्रयासों की सराहना की और पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि हरियाणा के विकास के लिए उच्च शिक्षा, अनुसंधान, नीति निर्माण और सुशासन की अहम भूमिका है। मुख्यमंत्री ने विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की प्राप्ति की दिशा में इस प्रकार की शोध-आधारित पहलों को अत्यंत आवश्यक बताया।
जिंदल इंस्टीट्यूट ऑफ हरियाणा स्टडीज द्वारा शुरू की गई जिला एचडीआर पहल समयानुकूल और परिवर्तनकारी है। इसका उद्देश्य सूक्ष्म और आंकड़ा-आधारित विश्लेषण के माध्यम से हरियाणा के लोगों की वास्तविक जीवन स्थितियों को सामने लाना है। विश्व स्तर पर जिला मानव विकास रिपोर्टों को मानव विकास में असमानताओं और प्रगति को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण माना जाता है, लेकिन अब तक हरियाणा में इस तरह का कोई व्यवस्थित जिला-स्तरीय आकलन उपलब्ध नहीं था।
यह पहल इस महत्वपूर्ण कमी को पूरा करती है और ऐसे सूक्ष्म निष्कर्ष प्रस्तुत करती है, जिनके आधार पर राज्य में लक्षित नीतिगत हस्तक्षेप संभव हो सकेंगे। इस प्रयास की प्रासंगिकता वर्तमान समय की चुनौतियों से भी जुड़ी है, विशेष रूप से पर्यावरणीय दबाव के संदर्भ में।
पड़ोसी राज्य पंजाब के साथ-साथ हरियाणा भी दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण को लेकर बढ़ती जांच और चिंता का सामना कर रहा है। वायु और जल गुणवत्ता में गिरावट का सीधा असर जन स्वास्थ्य, उत्पादकता और जीवन की समग्र गुणवत्ता पर पड़ता है। ऐसे में मानव विकास के व्यापक आकलन की आवश्यकता और भी अधिक बढ़ जाती है, जो केवल समग्र आर्थिक संकेतकों तक सीमित न हो।
इस पहल को बधाई देते हुए ओ.पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी के चांसलर नवीन जिंदल ने कहा, “सोनीपत मानव विकास रिपोर्ट 2026 को प्रस्तुत करते हुए मुझे अत्यंत गर्व हो रहा है। यह हरियाणा में अपनी तरह की पहली जिला-स्तरीय रिपोर्ट है, जिसे जिंदल इंस्टीट्यूट ऑफ हरियाणा स्टडीज़ ने तैयार किया है। यह रिपोर्ट मानव विकास को आगे बढ़ाने और हरियाणा की समृद्धि में योगदान देने के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। साथ ही यह विश्वविद्यालयों, सरकारी एजेंसियों और सिविल सोसायटी के बीच सहयोग के महत्व को भी रेखांकित करती है, ताकि साक्ष्य-आधारित सार्वजनिक नीतियां विकसित की जा सकें। अकादमिक कठोरता और व्यावहारिक नीतिगत प्रासंगिकता के माध्यम से हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हमारा शोध वास्तविक सामाजिक प्रगति में परिवर्तित हो।”
जिला एचडीआर परियोजना महत्वाकांक्षी और भविष्य-दृष्टि से प्रेरित है। इसका उद्देश्य न केवल हरियाणा के सभी जिलों के लिए मानव विकास रिपोर्ट तैयार करना है, बल्कि इन्हें समय-समय पर अद्यतन करना भी है, ताकि नीति निर्माता प्रगति पर नजर रख सकें, उभरती चुनौतियों की पहचान कर सकें और विकास रणनीतियों में आवश्यक सुधार कर सकें।
यह पहली रिपोर्ट सोनीपत जिले पर केंद्रित है, जिसमें जिले के भीतर मौजूद गतिशीलताओं को उजागर किया गया है। रिपोर्ट समय के साथ हुई प्रगति को रेखांकित करती है और विभिन्न समुदायों के बीच मानव विकास से जुड़ी बाधाओं और सूक्ष्म अंतर को सामने लाती है।
रिपोर्ट में कई अहम सिफारिशें की गई हैं, जिनमें शामिल हैं:
भागीदारी आधारित योजना, बजट और निगरानी को मजबूत करने के लिए ब्लॉक और पंचायत स्तर की क्षमताओं को सशक्त बनाकर विकेंद्रीकृत शासन को गहराई देना।
लंबित मामलों को कम करने, अपराध घटाने और कमजोर वर्गों के प्रति न्याय व्यवस्था की संवेदनशीलता बढ़ाने के लिए कानूनी साक्षरता, न्याय तक पहुंच और वैकल्पिक विवाद समाधान को प्राथमिकता देना।
स्थानीय शासन संरचनाओं में महिलाओं, अनुसूचित जातियों, अल्पसंख्यकों और युवाओं के समावेशी प्रतिनिधित्व और नेतृत्व को बढ़ावा देना।
पारदर्शिता, प्रत्यक्ष लाभार्थी संवाद, शिकायत निवारण और वास्तविक समय में सेवा वितरण की निगरानी के लिए तकनीकी प्लेटफॉर्म का उपयोग।
मानव विकास की प्रगति पर नजर रखने, संवाद को बढ़ावा देने और नागरिकों की आवाज को सशक्त करने के लिए विश्वविद्यालयों और सिविल सोसायटी के साथ मिलकर जिला “ऑब्जर्वेटरी” की स्थापना।
इस पहल के व्यापक दृष्टिकोण को रेखांकित करते हुए जेजीयू के संस्थापक कुलपति प्रो. (डॉ.) सी. राज कुमार ने कहा, “यह रिपोर्ट मानव विकास की बहुआयामी समझ प्रस्तुत करती है, जो पारंपरिक आर्थिक मापदंडों से आगे जाकर मात्रात्मक विश्लेषण को स्थानीय समुदायों की आवाज़ के साथ जोड़ती है। सोनीपत हरियाणा की कृषि विरासत और उसके तीव्र शहरी व औद्योगिक परिवर्तन के संगम पर स्थित है। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम की दृष्टि के अनुरूप यह रिपोर्ट दोहराती है कि वास्तविक प्रगति केवल आय या बुनियादी ढांचे से नहीं, बल्कि मानव स्वतंत्रता, अवसरों और कल्याण के विस्तार से मापी जाती है।”
यह पहली रिपोर्ट सोनीपत जिले पर केंद्रित है, जो उच्च शिक्षा का एक उभरता हुआ राष्ट्रीय केंद्र है और जहां देश के कई प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय स्थित हैं।
जिंदल इंस्टीट्यूट ऑफ हरियाणा स्टडीज़ की निदेशक प्रो. (डॉ.) मृणालिनी झा ने कहा, “सोनीपत एचडीआर शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, पर्यावरण, स्थानिक परिवर्तन, बुनियादी सेवाओं तक पहुंच और शासन जैसे क्षेत्रों में हुई प्रगति का दस्तावेजीकरण करती है। साथ ही यह संरचनात्मक चुनौतियों की पहचान कर उन्हें दूर करने के लिए व्यावहारिक और रचनात्मक रणनीतियां भी प्रस्तुत करती है। जिला-विशिष्ट अंतर्दृष्टि और कार्य-मार्ग प्रदान कर यह परियोजना हरियाणा में विकास योजना की दिशा और स्वरूप को बदलने की क्षमता रखती है।”
इस अवसर पर स्वर्ण जयंती हरियाणा इंस्टीट्यूट ऑफ फिस्कल स्टडीज़ (एसजेएचआईएफएस) और ओ.पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर भी हस्ताक्षर किए गए। यह एमओयू मुख्यमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। एसजेएचआईएफएस हरियाणा का शीर्ष आर्थिक अनुसंधान और वित्तीय नीति सलाह संस्थान है, जो एसडीजी एकीकरण और क्षमता निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
इस एमओयू का उद्देश्य संयुक्त अनुसंधान, साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण, आर्थिक एवं सामाजिक प्रभाव अध्ययन, वित्तीय प्रबंधन अनुसंधान, एसडीजी एकीकरण अध्ययन, क्षमता निर्माण और छात्रों के लिए इंटर्नशिप अवसरों को बढ़ावा देना है।
यह साझेदारी नीति-प्रासंगिक अनुसंधान को सुदृढ़ करने और राज्य सरकार के शासन एवं विकास एजेंडे को समर्थन देने के लिए ज्ञान के आदान-प्रदान और संस्थागत सहयोग को मजबूत करेगी। हरियाणा सरकार ने हरियाणा विजन-2047 के माध्यम से दीर्घकालिक विकास रोडमैप निर्धारित किया है, जिसका लक्ष्य राज्य को विकसित भारत का एक प्रमुख विकास इंजन बनाना है।
इस विजन में समावेशी समृद्धि, मानव पूंजी विकास, जलवायु-स्मार्ट विकास और संस्थागत सुदृढ़ीकरण पर जोर दिया गया है। इसके तहत राज्य की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर से आगे ले जाना, 50 लाख नए रोजगार सृजित करना, 100 प्रतिशत महिला साक्षरता और बेहतर स्वास्थ्य परिणाम सुनिश्चित करना, सभी के लिए पाइप्ड पेयजल और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराना, 70 प्रतिशत नवीकरणीय ऊर्जा की दिशा में बढ़ना, जलवायु-सहिष्णु कृषि और आधुनिक कौशल को बढ़ावा देना तथा हरियाणा को नवाचार, ग्रीन फाइनेंस और उद्योग का केंद्र बनाना जैसे लक्ष्य शामिल हैं।
यह एमओयू एक व्यावहारिक और परिणामोन्मुख साझेदारी के रूप में परिकल्पित है, जो न केवल अकादमिक सहयोग को बढ़ाएगी, बल्कि वास्तविक प्रशासनिक चुनौतियों और स्थानीय समस्याओं के समाधान में भी मदद करेगी। मानव विकास रिपोर्ट 2026 का विमोचन हरियाणा के विकास विमर्श में एक नए अध्याय की शुरुआत का संकेत है, जो कठोर शोध, संस्थागत सहयोग और समावेशी एवं सतत विकास के साझा संकल्प पर आधारित है।
--आईएएनएस
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