‘कोटिया में चुनाव’, नवीन पटनायक ने सीमा विवाद का मामला केंद्र तक पहुंचाने को कहा
भुवनेश्वर, 4 नवंबर (आईएएनएस)। ओडिशा के कोरापुट जिले के विवादित कोटिया क्षेत्र को लेकर बढ़ते तनाव के बीच विपक्ष के नेता (एलओपी) और बीजद अध्यक्ष नवीन पटनायक ने बुधवार को मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को पत्र लिखा। पत्र में उन्होंने राज्य की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए केंद्र सरकार और आंध्र प्रदेश सरकार से इस मामले को तत्काल उच्च स्तर पर उठाने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में पटनायक ने कहा कि 19 अक्टूबर को कोटिया पर लिखे उनके पिछले पत्र और मुख्यमंत्री के 27 अक्टूबर के जवाब के बाद, जमीनी स्थिति और बिगड़ गई है। उन्होंने कहा कि ओडिशा और आंध्र प्रदेश के अधिकारियों के बीच बढ़ते तनाव और टकराव की खबरें आ रही हैं।
बीजद सुप्रीमो ने कहा कि यह विशेष रूप से चिंताजनक है कि आंध्र प्रदेश ओडिशा पर इसके प्रभावों के बावजूद कल कोटिया में चुनाव करा रहा है। मौजूदा तनाव और आगामी चुनावों को देखते हुए मैं आपसे आग्रह करता हूं कि आप इस मामले को केंद्र सरकार और आंध्र प्रदेश सरकार के साथ उच्च स्तर पर उठाएं।
उन्होंने कहा कि चूंकि ओडिशा और आंध्र प्रदेश दोनों राज्यों में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए से संबंधित दलों की सरकार है, इसलिए भाजपा के 2024 के चुनाव घोषणापत्र में किए गए वादे के अनुसार ओडिशा की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए तत्काल कदम उठाए जाने चाहिए।
पटनायक ने कहा कि ओडिशा के मुख्यमंत्री के रूप में, यह आपकी नैतिक जिम्मेदारी है कि राज्य के वैध हितों की रक्षा की जाए और जमीनी स्थिति को और बिगड़ने न दिया जाए। मुझे उम्मीद है कि भाजपा नेतृत्व ओडिशा की जनता से किए गए अपने वादे को निभाएगा और कोटिया मुद्दे पर अपने 2024 के चुनाव घोषणापत्र में किए गए वादे को पूरा करेगा।
इस बीच, मंगलवार को विवादित क्षेत्र में तीन चौकियों पर पुलिस और ओडिशा और आंध्र प्रदेश दोनों के अधिकारियों के बीच झड़पों और तीखी बहस के बाद राज्य सरकार हाई अलर्ट पर है।
राज्य के राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने दोहराया कि कोटिया क्षेत्र ओडिशा का अभिन्न अंग है और स्थानीय अधिकारी और पुलिसकर्मी पड़ोसी राज्य द्वारा विवादित क्षेत्र में स्थानीय निकाय चुनाव कराने के प्रयास को विफल करने के लिए आगे बढ़कर प्रयास कर रहे हैं। राज्य सरकार ने आंध्र प्रदेश के अधिकारियों द्वारा चुनाव कराने के लिए क्षेत्र में किसी भी प्रकार के जबरन प्रवेश को रोकने के लिए पुलिस बल की 16 प्लाटून तैनात की हैं।
पुजारी ने कहा कि प्रशासन मौजूद रहेगा, पुलिस मौजूद रहेगी, राजनीतिक दल मौजूद रहेंगे, सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहेंगे और ओडिशा से प्यार करने वाले लोग इस लड़ाई को लड़ेंगे।
--आईएएनएस
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