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नासिक रिंग रोड के अलाइनमेंट में बदलाव की जांच 3 दिनों में की जाएगी: चंद्रशेखर बावनकुले

नासिक रिंग रोड के अलाइनमेंट में बदलाव की जांच 3 दिनों में की जाएगी: चंद्रशेखर बावनकुले
नासिक रिंग रोड के अलाइनमेंट में बदलाव की जांच 3 दिनों में की जाएगी: चंद्रशेखर बावनकुले

मुंबई, 9 जुलाई (आईएएनएस)। महाराष्ट्र सरकार आगामी कुंभ मेले के लिए महत्वपूर्ण ढांचागत परियोजना नासिक रिंग रोड के मार्ग परिवर्तन की जांच अगले तीन दिनों के भीतर करेगी।

राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने गुरुवार को विधानसभा में यह घोषणा करते हुए सदन को आश्वासन दिया कि किसी भी किसान की जबरन भूमि का अधिग्रहण नहीं किया जाएगा और कानून के तहत उचित मुआवजा दिया जाएगा।

यह घटनाक्रम विधायक विजय वडेट्टीवार द्वारा विधानसभा में लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के बाद हुआ है। प्रस्तान में वडेट्टीदार ने आरोप लगाया कि बड़े पैमाने पर भूमि अनियमितताओं को सुविधाजनक बनाने के लिए रिंग रोड के मार्ग में जानबूझकर बदलाव किया गया था।

आरोपों का जवाब देते हुए राजस्व मंत्री ने स्पष्ट किया कि भूमि संरेखण में बदलाव के सटीक कारणों की जांच तीन दिनों के भीतर की जाएगी। जांच में विशेष रूप से यह सत्यापित किया जाएगा कि क्या पिछले तीन वर्षों में कुछ व्यक्तियों ने परियोजना की रूपरेखा की पूर्व सूचना के साथ या किसी गुप्त उद्देश्य से इस क्षेत्र में जमीन खरीदी थी।

उन्होंने कहा कि यदि यह पाया जाता है कि भूमि संरेखण को जानबूझकर विशिष्ट हितों को लाभ पहुंचाने के लिए बदला गया था, तो मुख्य सचिव द्वारा विस्तृत जांच की जाएगी।

जन प्रतिनिधियों द्वारा नासिक जिला कलेक्टर आयुष प्रसाद के खिलाफ लगाए गए आरोपों का संज्ञान लेते हुए राजस्व मंत्री ने घोषणा की कि मुख्य सचिव द्वारा जांच की जाएगी।

हालांकि, बावनकुले ने आईएएस अधिकारी दत्ता का जोरदार बचाव किया, जिन्हें हाल ही में भूमि माप सर्वेक्षण के दौरान हेलमेट पहने देखा गया था।

बावनकुले ने स्पष्ट किया कि उस दिन सर्वेक्षण के दौरान, कुछ प्रदर्शनकारियों ने आत्मदाह का प्रयास किया और केरोसिन की बोतलें लेकर आए, जिससे कानून-व्यवस्था की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई। अधिकारी ने केवल आत्मरक्षा के लिए और संभावित पत्थरबाजी या केरोसिन हमलों से बचाव के लिए हेलमेट पहना था। इसलिए, अधिकारी की कोई गलती नहीं है।

कुंभ मेला प्रबंधन के लिए रिंग रोड के महत्व पर जोर देते हुए राजस्व मंत्री ने कहा कि हम किसानों को एक बार फिर विश्वास में लेंगे और उनसे बातचीत करेंगे। उन्हें भूमि अधिग्रहण अधिनियम के अनुसार उचित मुआवजा मिलेगा। यदि सरकार से अतिरिक्त सहायता की कोई अपेक्षा है, तो उस पर सकारात्मक रूप से विचार किया जाएगा, लेकिन किसी भी प्रकार का दबाव नहीं डाला जाएगा।

--आईएएनएस

एमएस/

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