Samachar Nama
×

नागपुर का नया विधान भवन तय समय सीमा के भीतर पूरा होगा: सीएम फडणवीस

मुंबई, 11 मार्च (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को प्रशासन को निर्देश दिया कि वे यह सुनिश्चित करें कि नागपुर में नए विधान भवन का निर्माण 2028 तक पूरा हो जाए।
नागपुर का नया विधान भवन तय समय सीमा के भीतर पूरा होगा: सीएम फडणवीस

मुंबई, 11 मार्च (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को प्रशासन को निर्देश दिया कि वे यह सुनिश्चित करें कि नागपुर में नए विधान भवन का निर्माण 2028 तक पूरा हो जाए।

उन्होंने मुख्य परिसर, जिसमें विधानसभा, विधान परिषद और एक सेंट्रल हॉल होगा, के साथ-साथ अलग प्रशासनिक भवनों को भी तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया।

ये निर्देश विधानमंडल में आयोजित कैबिनेट इंफ्रास्ट्रक्चर समिति की बैठक के दौरान जारी किए गए।

समिति ने कई बड़े और असरदार प्रोजेक्ट्स के लिए जमीन अधिग्रहण, मंजूरी की प्रक्रियाओं और फंड के बंटवारे पर चर्चा की। इन प्रोजेक्ट्स में नागपुर में नया विधान भवन कॉम्प्लेक्स और प्रशासनिक भवन, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के विकल्प के तौर पर बनाया जा रहा नेरल-शिरूर हाईवे, अलीबाग-विरार हाईवे (अटल सेतु), मुंबई-गोवा हाईवे और मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाले कनेक्टिविटी नोड्स और पुणे-शिरूर छह-लेन वाला एलिवेटेड कॉरिडोर शामिल हैं।

1920 में बनी मौजूदा इमारत की जगह, नए विधान भवन को आधुनिक विधायी और प्रशासनिक मानकों के हिसाब से डिजाइन किया जा रहा है। इस कॉम्प्लेक्स में ब्लॉक ए, बी और सी होंगे, जिनमें विधानसभा, विधान परिषद, सेंट्रल हॉल, समिति कक्ष और एक प्रेस गैलरी होगी।

चार मंजिला मुख्य कॉम्प्लेक्स 62,924 वर्ग फीट में फैला होगा। मुख्य कॉम्प्लेक्स के लिए 662 करोड़ रुपए और प्रशासनिक भवन के लिए 339 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

सरकार की एक विज्ञप्ति के अनुसार, नए विधान भवन में 400 सीटों की क्षमता वाली एक विधानसभा, 120 सीटों वाली एक विधान परिषद और 700 सीटों की क्षमता वाला एक सेंट्रल हॉल होगा।

बैठक के दौरान प्रस्तावित नेरल-शिरूर हाईवे भी चर्चा का एक मुख्य विषय रहा। रायगढ़ जिले के कर्जत-नेरल से शुरू होकर, यह हाईवे पुणे-अहिल्यानगर हाईवे पर शिरूर से जुड़ेगा।

इस मार्ग से मौजूदा मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक का बोझ काफी कम होने और राज्य के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले वाहनों के लिए एक सुविधाजनक ट्रांजिट कॉरिडोर मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इस प्रोजेक्ट के लिए जरूरी मंजूरी और फंडिंग की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।

इसके अलावा, ट्रैफिक की बढ़ती मांग को देखते हुए, समिति ने पुणे-शिरूर प्रोजेक्ट के तकनीकी विवरणों की समीक्षा की, जिसमें छह-लेन की एलिवेटेड सड़क और चार-लेन की एट-ग्रेड (जमीनी स्तर की) सड़क शामिल है।

--आईएएनएस

एमएस/

Share this story

Tags