‘नागालैंड-जापान कनेक्ट’ पहल में 450 से अधिक युवाओं का पंजीकरण: सीएम नेफियू रियो
कोहिमा, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफियू रियो ने शुक्रवार को कहा कि ‘नागालैंड-जापान कनेक्ट 2026’ पहल के तहत 450 से अधिक युवाओं ने पंजीकरण कराया है, जिनमें से 65 उम्मीदवारों को कृषि, मैन्युफैक्चरिंग और शिपिंग जैसे क्षेत्रों में रोजगार के लिए चयन प्रस्ताव मिल चुके हैं।
डिप्टी कमिश्नर्स कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने रोजगार से जुड़े स्किलिंग कार्यक्रमों पर जोर दिया और कहा कि राज्य में कौशल विकास योजनाओं को अब जॉब प्लेसमेंट से जोड़ा जा रहा है। इसके तहत जॉब फेयर और रणनीतिक साझेदारियों के माध्यम से युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि फरवरी 2026 तक लाइव रजिस्टर में 73,000 से अधिक आवेदक पंजीकृत हैं और ‘नागालैंड-जापान कनेक्ट 2026’ तथा राज्यव्यापी ‘मेगा जॉब फेयर’ जैसे कार्यक्रमों में भागीदारी बढ़ाने के प्रयास जारी हैं।
मुख्यमंत्री रियो ने कहा कि सरकार मानव संसाधन को आर्थिक ताकत में बदलने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि प्रशिक्षित युवाओं को राज्य के भीतर और बाहर सार्थक रोजगार मिल सके।
उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों, प्रशिक्षण साझेदारों और वित्तीय संस्थानों के बीच समन्वय से स्किलिंग, उद्यमिता और ऋण सहायता के बीच मजबूत कड़ी बन रही है। ‘मुख्यमंत्री माइक्रो फाइनेंस पहल’ जैसे कार्यक्रम इस दिशा में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते प्रशासनिक परिदृश्य में डिप्टी कमिश्नरों की भूमिका भी काफी विस्तृत हो गई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखना, राजस्व प्रशासन, चुनाव और जनगणना जैसे पारंपरिक कार्य अभी भी महत्वपूर्ण हैं, लेकिन अब उनकी जिम्मेदारियों में केंद्र प्रायोजित योजनाओं का क्रियान्वयन, आपदा प्रबंधन, शिकायत निवारण और विभागीय समन्वय भी शामिल हो गया है।
उन्होंने कहा कि डिप्टी कमिश्नर अब केवल नियामक भूमिका तक सीमित नहीं हैं, बल्कि विकासोन्मुख और जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतिम स्तर तक क्रियान्वयन सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने पारदर्शिता और मेरिट आधारित भर्ती पर जोर देते हुए नागालैंड स्टाफ सिलेक्शन बोर्ड के गठन का उल्लेख किया, जो ग्रुप-सी पदों के लिए निष्पक्ष भर्ती सुनिश्चित करता है।
स्किलिंग और वर्कफोर्स डेवलपमेंट पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि नागालैंड स्किल एंड एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट मिशन अब मांग-आधारित और परिणामोन्मुख प्रणाली के रूप में विकसित हो चुका है, जो निर्माण, हॉस्पिटैलिटी, परिवहन और आईटी सेवाओं जैसे क्षेत्रों से जुड़ा है।
वित्तीय स्थिति पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के बाद राज्य को मिलने वाले केंद्रीय करों में हिस्सेदारी में कमी आई है और 2026-31 अवधि के लिए राजस्व घाटा अनुदान न मिलने से चुनौतियां बढ़ी हैं।
--आईएएनएस
डीएससी

