नीट कैंडिडेट को अबू धाबी परीक्षा सेंटर आवंटित हुआ, पिता-बोले सदमे में है बेटा
नागपुर, 20 जून (आईएएनएस)। नीट यूजी 2026 की दोबारा परीक्षा से पहले एक बड़ी प्रशासनिक चूक सामने आई है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) द्वारा जारी एडमिट कार्ड में हुई एक गलती के कारण महाराष्ट्र के नागपुर के एक उम्मीदवार को कथित तौर पर संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी में परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिया गया।
21 जून को होने वाली दोबारा परीक्षा से ठीक एक दिन पहले हुई इस घटना ने छात्र और उसके माता-पिता की चिंता बढ़ा दी है। छात्र के परिवार के अनुसार, अब्दुल्ला ने आवेदन करते समय नागपुर, वर्धा और भंडारा को परीक्षा के लिए अपनी पसंद के शहरों के तौर पर चुना था। लेकिन, उसके एडमिट कार्ड में परीक्षा केंद्र अबू धाबी, यूएई में दिखाया गया।
नीट अभ्यर्थी अब्दुल्ला के पिता मोहम्मद तालिब ने शनिवार को आईएएनएस से बातचीत में विदेश में परीक्षा केंद्र मिलने पर हैरानी और उलझन जाहिर की। उन्होंने कहा, "मुझे नहीं पता कि ऐसा कैसे हुआ। अब सिर्फ एजेंसी ही इसका कारण बता सकती है। हमने परीक्षा के लिए अपनी पसंद के तीन केंद्र चुने थे, लेकिन मुझे समझ नहीं आ रहा कि वे हमें अबू धाबी क्यों भेजना चाहते हैं।"
तालिब ने बताया कि उनके बेटे अब्दुल्ला ने पहले नीट परीक्षा दी थी और उन्हें नागपुर में सेंटर मिला था। परीक्षा ठीक से हुई और एप्लीकेशन प्रोसेस या परीक्षा सेंटर चुनने में कोई गड़बड़ी नहीं हुई।
तालिब ने कहा, "पिछली नीट परीक्षा में उन्हें नागपुर में ही सेंटर मिला था। बेटे का पेपर बहुत अच्छा गया था। सेंटर चुनने में हमारी तरफ से कोई गलती नहीं हुई थी। हमने भंडारा और दो अन्य जगहों को चुना था, लेकिन हमें नागपुर मिला। हमने कभी भी भारत के बाहर किसी सेंटर के लिए रिक्वेस्ट नहीं की थी।"
तालिब ने कहा, "अबू धाबी सेंटर के बारे में सुनकर मेरा बेटा सदमे में आ गया। दवा लेने के बाद वह अभी सो रहा है। जब भी हम उससे बात करने की कोशिश करते हैं, वह टूट जाता है और रोने लगता है।"
तालिब ने आगे बताया कि एनटीए अधिकारियों ने इस समस्या को माना और परिवार को बताया कि गलती उनकी तरफ से हुई है।
उन्होंने कहा, "अधिकारियों ने हमें बताया कि उनकी तरफ से तकनीकी खराबी आ गई थी। उन्होंने हमें भरोसा दिलाया कि वे आज शाम 4 बजे हमसे दोबारा संपर्क करेंगे।"
इतनी मुश्किलों के बावजूद, परिवार का पूरा ध्यान इस बात पर है कि अब्दुल्ला को परीक्षा में शामिल होने का उचित मौका मिले।
तालिब ने कहा, "हम बस यही चाहते हैं कि हमारा बेटा परीक्षा में बैठ सके। नतीजा चाहे जो भी हो, वह बाद की बात है।"
--आईएएनएस
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