बिहार: सिवान विस्फोट के बाद मुजफ्फरपुर में कार्रवाई तेज, 5 पटाखा दुकानें सील
पटना, 24 अक्टूबर (आईएएनएस)। सीवान में हुए भीषण विस्फोट में पांच लोगों की मौत के बाद मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन ने दीपावली से पहले पटाखा दुकानों की जांच तेज कर दी है।
शनिवार को गरीबनाथ मंदिर के पास स्थित पटाखा बाजार में छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के आरोप में पांच दुकानों को सील कर दिया और बड़ी मात्रा में पटाखे जब्त किए।
यह अभियान उपमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) आनंद उत्सव के नेतृत्व में चलाया गया, जिसमें अग्निशमन विभाग के अधिकारी भी शामिल थे।
जांच के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। टीम ने दुकानों का निरीक्षण कर यह जांच की कि वे निर्धारित सुरक्षा मानकों और मानक संचालन प्रक्रिया का पालन कर रही हैं या नहीं।
कार्रवाई से पटाखा व्यापारियों में चिंता का माहौल बन गया, जबकि निरीक्षण के दौरान बाजार में लोगों की भीड़ भी जुट गई।
जिला अग्निशमन पदाधिकारी प्रज्ञा सरन ने बताया कि प्रशासन को बाजार में सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की शिकायतें मिली थीं। इसके बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर दुकानों की जांच शुरू की।
उन्होंने कहा कि निर्धारित एसओपी का उल्लंघन करने वाले व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। साथ ही दुकानदारों को त्योहार के दौरान दुर्घटनाओं से बचने के लिए जरूरी सुरक्षा उपायों की जानकारी भी दी जा रही है।
एसडीएम आनंद उत्सव ने कहा कि प्रशासन को सूचना मिली थी कि कई दुकानें अवैध रूप से संचालित हो रही हैं और सुरक्षा नियमों का पालन नहीं कर रही हैं। इसके बाद एक विशेष टीम का गठन कर बाजार का निरीक्षण कराया गया, जिसके परिणामस्वरूप पांच दुकानों को सील किया गया और पटाखे जब्त किए गए।
उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने सभी व्यापारियों को सुरक्षा दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है और पटाखों के भंडारण तथा बिक्री में किसी भी प्रकार की लापरवाही के खिलाफ चेतावनी दी है।
दरअसल, यह कार्रवाई सीवान में हुए जानलेवा विस्फोट के बाद की गई है, जिसमें पटाखों के भंडारण के लिए इस्तेमाल किए जा रहे एक मकान में विस्फोट होने से पांच लोगों की मौत हो गई थी। धमाके के कारण दो मंजिला पक्का मकान भी ढह गया था।
प्रारंभिक जांच में पता चला था कि उस मकान में बड़ी मात्रा में पटाखा बनाने का बारूद और अन्य सामग्री रखी गई थी।
इस घटना के बाद दिवाली से पहले पटाखों के निर्माण, भंडारण और बिक्री की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। इसी को देखते हुए मुजफ्फरपुर प्रशासन ने अवैध दुकानों और असुरक्षित भंडारण स्थलों की पहचान के लिए विशेष जांच अभियान शुरू किया है।
अधिकारियों का कहना है कि भीड़भाड़ वाले बाजारों में आग और विस्फोट जैसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रहेगा और सभी व्यापारियों को सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करना होगा।
--आईएएनएस
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