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मुंबई कोर्ट ने एनपीडीएस मामले में रिया चक्रवर्ती और उनकी मां के बैंक खाते को डीफ्रीज करने का आदेश दिया

मुंबई/नई दिल्ली, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। मुंबई की एक विशेष एनडीपीएस अदालत ने अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती और उनकी मां संध्या चक्रवर्ती से जुड़े एक बैंक खाते को डीफ्रीज करने का आदेश दिया है। अदालत ने माना कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत अनिवार्य प्रावधानों का पालन करने में विफल रहा।
मुंबई कोर्ट ने एनपीडीएस मामले में रिया चक्रवर्ती और उनकी मां के बैंक खाते को डीफ्रीज करने का आदेश दिया

मुंबई/नई दिल्ली, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। मुंबई की एक विशेष एनडीपीएस अदालत ने अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती और उनकी मां संध्या चक्रवर्ती से जुड़े एक बैंक खाते को डीफ्रीज करने का आदेश दिया है। अदालत ने माना कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत अनिवार्य प्रावधानों का पालन करने में विफल रहा।

विशेष न्यायाधीश यूसी देशमुख ने 25 अप्रैल को पारित एक आदेश में आईसीआईसीआई बैंक की डीफ्रीज करने की याचिका को स्वीकार कर लिया और आरबीआई नियमों के अनुसार इसके संचालन की अनुमति दी।

आवेदकों ने तर्क दिया था कि खाता फ्रीज करना अवैध था क्योंकि केंद्रीय एजेंसी ने एनडीपीएस अधिनियम की धारा 68एफ के प्रावधानों का पालन नहीं किया था, जो अवैध रूप से अर्जित संदिग्ध संपत्ति की जब्ती या फ्रीजिंग से संबंधित है।

अभियोजन पक्ष ने इस दलील का विरोध करते हुए दावा किया कि जांच के दौरान दर्ज किए गए बयानों से पता चलता है कि रिया चक्रवर्ती एक ड्रग सिंडिकेट की सक्रिय सदस्य थीं और कथित ड्रग तस्करों से उनके संबंध थे, इसलिए बैंक खातों को फ्रीज करना उचित था।

हालांकि, अदालत ने दर्ज किया कि धारा 68एफ(2) स्पष्ट रूप से यह प्रावधान करती है कि संपत्ति को फ्रीज करने या जब्त करने का आदेश 30 दिनों के भीतर सक्षम प्राधिकारी द्वारा पुष्टि किए बिना अप्रभावी हो जाता है।

आदेश में कहा गया कि इस बात में कोई विवाद नहीं है कि प्रतिवादी के अधिकारी द्वारा संबंधित बैंक खाते को फ्रीज कर दिया गया है। प्रतिवादी इस बात से इनकार नहीं करता कि अधिनियम की धारा 68एफ की उपधारा (2) का अनुपालन नहीं किया गया है।

इसमें आगे कहा गया कि एनडीपीएस अधिनियम के तहत आवश्यक पुष्टिकरण आदेश पारित नहीं किया गया है और इसलिए फ्रीज को जारी रखना कानून की दृष्टि से उचित नहीं है।

बॉम्बे उच्च न्यायालय के एक पूर्व निर्णय का हवाला देते हुए न्यायालय ने कहा कि संपत्ति को फ्रीज करने की शक्तियां अनियंत्रित नहीं हैं और इनका प्रयोग वैधानिक सुरक्षा उपायों के अनुसार ही किया जाना चाहिए।

परिणामस्वरूप, अदालत ने निर्देश दिया कि खाते को अनफ्रीज किया जाए और खाताधारकों को लागू बैंकिंग नियमों के अनुसार खाता संचालित करने की अनुमति दी जाए।

यह मामला अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मृत्यु के बाद कथित ड्रग संबंधी गतिविधियों से जुड़े एनसीबी की 2020 की जांच से संबंधित है।

--आईएएनएस

एमएस/

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