Samachar Nama
×

मध्य प्रदेश सरकार की ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ पहल से इंदौर में अंगदान के मामलों में वृद्धि

इंदौर, 11 मई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश सरकार की तरफ से मृत अंगदाताओं के लिए शुरू की गई ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ पहल के कारण इंदौर में अंगदान के मामलों में 25 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
मध्य प्रदेश सरकार की ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ पहल से इंदौर में अंगदान के मामलों में वृद्धि

इंदौर, 11 मई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश सरकार की तरफ से मृत अंगदाताओं के लिए शुरू की गई ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ पहल के कारण इंदौर में अंगदान के मामलों में 25 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

जुलाई 2025 में शुरू की गई इस पहल के तहत अंगदाताओं के अंतिम संस्कार के दौरान उन्हें औपचारिक सम्मान दिया जाता है, ताकि उनके योगदान को मान्यता दी जा सके और अधिक परिवारों को अंगदान के लिए आगे आने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।

इंदौर संभागीय आयुक्त सुदाम खाडे ने कहा कि इस पहल से शहर में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और सामाजिक स्वीकृति को बढ़ावा देने में मदद मिली है।

संभागीय आयुक्त कार्यालय में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की एक बैठक को संबोधित करते हुए खाडे ने कहा कि अंगदाताओं के लिए गार्ड ऑफ ऑनर प्रोटोकॉल लागू होने के बाद से अंगदान के मामलों में 25 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है।

उन्होंने कहा कि अंगदान और शरीरदान एक नेक कार्य है जो गंभीर रूप से बीमार मरीजों की जान बचाता है। हालांकि, डर, अंधविश्वास और जागरूकता की कमी आज भी कई लोगों को अंगदान से संबंधित निर्णय लेने से रोकती है।

खाडे ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स से आग्रह किया कि वे जन अभियानों और सकारात्मक संचार के माध्यम से अंगदान के बारे में जागरूकता बढ़ाने और गलत धारणाओं को दूर करने में मदद करें।

उन्होंने कहा कि अंगदान के मामले में इंदौर मध्य प्रदेश का अग्रणी जिला बनकर उभरा है।

राज्य में एयर एम्बुलेंस सेवाओं की उपलब्धता ने प्रत्यारोपण प्रक्रियाओं के लिए अंगों के समय पर परिवहन में भी मदद की है।

बैठक के दौरान, अधिकारियों ने अंगदान प्रक्रिया की व्याख्या की और शहर में सफल प्रत्यारोपण मामलों का विवरण साझा किया।

खाडे ने कहा कि दाता परिवारों को परामर्श देना अंगदान को प्रोत्साहित करने और परिवारों को शोक से उबरने में मदद करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

मुस्कान ग्रुप के संदीपन आर्य ने बताया कि इंदौर में अंग परिवहन के लिए पहला 'ग्रीन कॉरिडोर' 2015 में बनाया गया था।

तब से, अंगों के त्वरित परिवहन के लिए शहर में 67 ग्रीन कॉरिडोर स्थापित किए जा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि त्वचा दान के मामले में इंदौर वर्तमान में देश में दूसरे स्थान पर है।

शहर में नेत्रदान 2024 में 2,237 से बढ़कर 2025 में 2,748 हो गया, जबकि अंगदान की मंजूरी 2024 में 135 से बढ़कर 2025 में 202 हो गई।

इंदौर में वर्तमान में तीन नेत्र बैंक हैं।

--आईएएनएस

एमएस/

Share this story

Tags